मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार प्रदेश हित में बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। एक तरफ जहां शासक के अधिकारी कर्मचारियों को त्यौहार से पहले एडवांस वेतन का लाभ दिया गया है। अब नौजवानों को MP Recruitment जल्द बड़ा लाभ दिया जाएगा। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। सीएम शिवराज के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।

80000 पदों पर होगी भर्ती

100000 पदों पर होने वाली भर्ती में नौजवानों के लिए 80000 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा रोजगार मेले का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है। जिसके तहत युवाओं को रोजगार देने का सिलसिला भी जारी है। किसी भी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई थी। सभी विभागों संभाग आयुक्त और कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे।

प्रक्रिया हुई शुरू

जारी निर्देश में कहा गया था कि विभाग के खाली पड़े 80 फीसद पदों पर नई भर्ती की जाए वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक साल में 100000 पदों को भरने की घोषणा की गई है। इसी बीच कई विभागों द्वारा रिक्त पदे पड़े पदों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दी गई है। जिसमें से 80 फीसद पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 20% पदों को संविदा के जरिए भरा जाएगा।

प्रदेश में संविदा कर्मचारियों की संख्या 72000 है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बड़े पदों पर 20% संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित करने के संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रिक्त पड़े पदों पर 20% आरक्षण किस प्रकार लागू किया जाए। इस पर भी चर्चा जारी है। जबकि कई नियमित पदों पर भर्ती के लिए संविदा कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं होने पर शेष पदों को किस प्रकार भरा जाए इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जारी निर्देश के मुताबिक पर्याप्त संख्या में संविदा कर्मी की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में रोस्टर और होरिजेंटल आरक्षण लागू कर गैर संविदा अभ्यर्थियों से रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव विनोद कुमार की माने तो 100000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया के लिए नियमों का पालन किया जा रहा है। कई वर्ग को आरक्षण निर्धारित किए गए हैं। उस आरक्षण पर ही उन्हें पदों का लाभ दिया जाएगा। संविदा आरक्षित कर्मचारियों के लिए 20% पद के संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही सभी विभागों द्वारा प्रस्ताव मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और एमपीपीईबी को भेज दिए गए हैं।

हालांकि राज्य शासन के द्वारा तैयार किए गए नियम को लेकर मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष का कहना है कि 5 साल से 25 साल तक नौकरी में अपनी सेवा दे रहे हैं। अब नियमित होने के लिए प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होना होगा। साथ ही लंबित सेवा देने के साथ ही निवेश के साथ युवाओं का मुकाबला कर्मचारी के लिए परीक्षा पास करना बेहद कठिन कार्य है। इसलिए अनुभव के आधार पर कर्मचारी को नियमित करने की बात कर्मचारी संघ द्वारा की जा रही है। जबकि राज्य शासन की तैयारी 72000 में से 20000 संविदा कर्मी को नियमित करने की है। जल्द ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

अलग अलग विभागों में होनी है भर्ती

सभी विभागों से आ रही जानकारी के मुताबिक कुल रिक्त पदों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। वर्त्तमान के आंकड़ों के अनुसार रिक्त पदों की संख्या 1 लाख 1 हजार 958 थी। वही सबसे ज्यादा स्कूली शिक्षा विभाग में 45767 रिकॉर्ड किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में 14313 , जनजाति कार्य विभाग में 7780 पद, वन विभाग में 2229 पद,पशुपालन में 1794 पद, पंचायत विभाग में 2220 पद, जेल विभाग में 575 पद, महिला बाल विकास विभाग में 588 पद, लोक निर्माण विभाग में 750 पद, राजस्व विभाग में 968 पद, वित्त विभाग में 111 पद, श्रम विभाग ने 762 पद, आयुष विभाग ने 1290 पद और वाणिज्य कर विभाग में 1311 पद रिक्त हैं।