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म.प्र. वित्त निगम द्वारा अस्पताल, मनोरंजन और शीतगृह के लिये भी ऋण वितरण

Posted on: 21 May 2018 05:02 by Ravindra Singh Rana
म.प्र. वित्त निगम द्वारा अस्पताल, मनोरंजन और शीतगृह के लिये भी ऋण वितरण

इंदौर: मध्यप्रदेश वित्त निगम राज्य शासन एवं भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा प्रवर्तित संस्था है। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य राज्य में लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों एवं सेवाक्षेत्र की इकाइयों को प्रोत्साहित एवं वित्त पोषित करना है। निगम ने विगत 62 वर्षो में 14700 से अधिक ऋण प्रकरणों में रूपये 5150.00 करोड़ के ऋण स्वीकृत किये एवं रूपये 3545.00 करोड़ वितरित किये।

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वित्त निगम के प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयॉ स्थापित हुई साथ ही सेवा क्षेत्र जैसे होटल, अस्पताल, मनोरंजन केन्द्र, शीतगृह, भण्डार गृह इत्यादि भी स्थापित हुए।

वित्त निगम द्वारा संतुलित विकास के मद्देनजर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में औद्योगिक एवं आर्थिक विकास हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की है और रोजगार सृजन के अवसर निर्मित हुए है। इन इकाइयों में 3,44,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया गया।

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राज्य में पूंजी विनिवेश:- मध्य प्रदेश वित्त निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में 280.91 करोड़ रूपये से अधिक के ऋण नई औद्योगिक इकाईयों तथा अन्य सेवाक्षेत्र की इकाइयों की स्थापना एवं स्थापित इकाइयों के आधुनिकीकरण या विस्तारीकरण हेतु स्वीकृत किया गया तथा रूपये 259.16 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए गए।

वित्त निगम द्वारा गत 5 वर्षो में ऋण वसूली में सतत् वृद्धि करते हुए लगातार परिचालन लाभ अर्जित किया है। निगम अपनी समस्त देनदारियों का भुगतान करता आया है एवं राष्ट्रीय स्तर के बैंकों एवं भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा निगम को पूर्ण समर्थन दिया जाता रहा है।

राज्य में अविकसित पिछड़े क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना में निगम की प्रभावी भूमिका है एवं इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक व अन्य राष्ट्रीयकृत बैकों द्वारा निगम को प्रतिवर्ष पुनर्वित्त/ऋण प्रदान किए जाते हैं। प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ निगम ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए। वर्ष के दौरान निगम ने एक महत्वाकांक्षेी कार्यक्रम “उड़ान” प्रारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।

निगम द्वारा उठाये गये ग्राहक हितैषी कदम:- प्रदेश में निगम के आंचलिक कार्यालयों के अतिरिक्त 6 व्यवसाय विकास केन्द्र यथोचित अधिकारी विकेन्द्रीकरण सहित कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश प्रदेश के दूरस्थ अंचलों जैसे झाबुआ, छिन्दवाड़ा, बैतूल इत्यादि में स्थित हैं। इन व्यवसाय विकास केन्द्रों का निगम के व्यवसाय में इस वर्ष भी उल्लेखनीय योगदान रहा है।

वर्ष 2016-17 में कुल स्वीकृत रूपये 280.91 करोड़ में से 144.53 करोड़ औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में संलग्न इकाइयों को स्वीकृत किए गए, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है। निगम द्वारा स्वीकृति, वितरण एवं विधिक दस्तावेजीकरण की प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। उद्यमियों की सुविधा हेतु निगम की समस्त योजनाओं की जानकारी, आवेदन पत्र, ब्याज की दर एवं प्रक्रियाओं की जानकारी वेबसाइटwww.mpfc.org पर उपलब्ध कराई गई है।

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