Movie Review : सोनाक्षी सिन्हा और बादशाह की ‘खानदानी शफाखाना’, फिल्म को मिला अच्छा रिस्पॉंस

सोनाक्षी की फ‍िल्‍म 'खानदानी शफाखाना' स‍िनेमाघरों में पहुंच चुकी है। इस फ‍िल्‍म से सोनाक्षी और मेकर्स को काफी उम्‍मीद हैं क्‍योंकि फ‍िल्‍म का विषय कुछ हटके हैं।

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कलाकार – सोनाक्षी सिन्हा, बादशाह,वरुण शर्मा,प्रियांश जोरा,अन्नू कपूर,नादिरा जहीर बब्बर,कुलभूषण खरबंदा
निर्देशक – शिल्पी दासगुप्ता
मूवी टाइप – कॉमेडी, ड्रामा
अवधि – 2 घंटा 33 मिनट

सोनाक्षी स‍िन्‍हा को बॉलीवुड की दबंग अदाकारा कहा जाता है। सलमान खान संग फिल्म ‘दबंग’ और ‘दबंग 2’ में उन्‍होंने फैंस का दिल जीता। इन दोनों फ‍िल्‍मों में उन्‍हें बहुत पसंद किया गया। सोनाक्षी की नई फ‍िल्‍म ‘खानदानी शफाखाना’ स‍िनेमाघरों में पहुंच चुकी है। इस फ‍िल्‍म से सोनाक्षी और मेकर्स को काफी उम्‍मीद थी क्‍योंकि फ‍िल्‍म का विषय कुछ हटके था। दर्शकों को भी एक क्‍वालिटी एंटरटेनमेंट और कॉमेडी की उम्‍मीद इस फ‍िल्‍म से थी। खानदानी शफाखाना में सोनाक्षी की एक्टिंग की तारीफ की जा रही है।

यह फ‍िल्‍म सेक्‍स समस्‍याओं और उनके समाधान को लेकर जागरूगता लाने के मकसद से बनाई गई है। इस फ‍िल्‍म में सेक्स क्लिनिक के बहाने सेक्स जैसे टैबू पर बात की गई है। फ‍िल्‍म की टैगलाइन ‘बात तो करो’ इस बात को जाहिर करती है कि फ‍िल्‍म कॉमेडी के साथ इन विषयों पर खुलकर बात करने को प्रेरित करती है। इस फ‍िल्‍म की निर्देशक शिल्पी दासगुप्ता की यह पहली फ‍िल्‍म है और यह कहने में कतई गुरेज नहीं कि उन्‍होंने एक गंभीर विषय को छूने की कोशिश की।

कहानी : इस फिल्म की कहानी छोटे से शहर होशियारपुर में बुनी गई है। मेडिकल सेल्स रिप्रजेंटेटिव बॉबी बेदी (सोनाक्षी सिन्हा) मां (नादिरा जहीर बब्बर) और भाई भूषित बेदी (वरुण शर्मा) की जिम्मेदारियां उठा रही है। बहन की शादी का बोझ सिर पर है और शादी के लिए उसके परिवार ने चाचा से कुछ रुपये उधार लिए थे। चाचा रुपयों के बदले सूरत में उनके पुश्तैनी घर को हड़पना चाहता है। यहां फ‍िल्‍म में टर्न आता है। बॉबी के मामा (कुलभूषण खरबंदा) अपने पुश्तैनी सेक्स क्लीनिक खानदानी शफाखाना और लाखों की संपत्ति बॉबी के नाम कर देते हैं।

वह एक शर्त रखते हैं कि बॉबी मरीजों का इलाज करेगी और क्‍लीनिक को चलाएगी। इसके बाद बॉबी यानी सोनाक्षी के सामने चुनौती आ जाती है और वह इस काम में जुट जाती हैं। बॉबी जब सेक्‍स क्‍लीनिक पर बैठती है तो लोग उसे घृणा के भाव से देखते हैं। इस घृणा का सामना करते हुए वह सेक्स, शीघ्रपतन, स्तंभन, स्खलन, गुप्त रोग जैसे विषयों पर बात करती है। इस पूरी कहानी में उसका साथ देता है क्लीनिक के पास लेमन बेचने वाला प्रियांश जोरा। दोनों के बीच लव एंगल भी दिखाया गया है। अब सोनाक्षी अपने इस काम में कितना कामयाब होती है, ये जानने के ल‍िए आपको फ‍िल्‍म देखनी होगी।

रिव्‍यू : कहानी और विषय अच्‍छे हैं लेकिन फ‍िल्‍म की स्‍पीड काफी सुस्‍त है। यह कहानी कुछ कसी हुई होती तो मजेदार हो सकती थी। बॉबी के रूप में सोनाक्षी सिन्‍हा का अभिनय काबिले तारीफ है। सेक्‍स जैसे विषय पर भी वह मासूमियत से बात करते हुए छा गईं। लव इंट्रेस्ट के रूप में नवोदित प्रियांश जोरा क्यूट लगे हैं। रैपर बादशाह भी ठीक रहे हैं। वरुण शर्मा ने मनोरंजन की फुलझड़ियां चलाने की कोशिश की है। अन्नू कपूर और कुलभूषण खरबंदा ने अपने चरित्रों के साथ पूरा इंसाफ किया है। फ‍िल्‍म के गाने अच्‍छे हैं और जुबां पर चढ़ जाते हैं।

क्यों देखें : मुद्देवाली कॉमिडी के शौकीन यह फिल्म देख सकते हैं।

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