Movie Review : प्रभास की ‘साहो’ में नहीं दिखा जबरदस्त दम, फिल्म नहीं तोड़ सकती हैं ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड

बाहुबली' और 'बाहुबली 2' जैसी फ‍िल्‍मों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले सुपरस्‍टार प्रभास की बॉलीवुड डेब्‍यू फ‍िल्‍म 'साहो' सिनेमाघरों में पहुंच गई।

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कलाकार – प्रभास, श्रद्धा कपूर, नील नितिन मुकेश, मंदिरा बेदी, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, मुरली शर्मा, टीनू आनंद, महेश मांजरेकर, अरुण विजय, एवलिन शर्मा
निर्देशक – सुजीत
मूवी टाइप – एक्शन, ड्रामा
अवधि – 2 घंटा 51 मिनट

‘बाहुबली’ और ‘बाहुबली 2’ जैसी फ‍िल्‍मों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले सुपरस्‍टार प्रभास की बॉलीवुड डेब्‍यू फ‍िल्‍म ‘साहो’ सिनेमाघरों में पहुंच गई। पिछले काफी समय से फैंस प्रभास और श्रद्धा कपूर की इस के रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे। प्रभास के चाहने वाले सुबह से ही स‍िनेमाघरों में पहुंच गए। यह फिल्म अभी तक की बॉलिवुड सबसे महंगी फिल्मों में से एक कही जा रही है। जोरदार ऐक्शन सीक्वेंसेज और लंबी-चौड़ी स्टार कास्ट से सजी इस फिल्म की कहानी काफी ट्विस्ट और टर्न से भरपूर है।

फिल्म की कहानी शुरू होती बहुत सारे ट्विस्ट के साथ। फिल्म में बड़ी- बड़ी इमारतें और सीरियस लुक वाले कुछ लोग नजर आते हैं। फिल्म के फर्स्ट हाफ में कई शहरों को दिखाया जाता है जिससे मुंबई में हुई बड़ी लूट को जोड़ने की कोशिश की जाती है और गायब हुए एक ब्लैक बॉक्स को ढूंढे जाने की कोशिश की जा रही होती है।

रिव्यू: फिल्म के फर्स्ट हाफ से ही इसमें ऐक्शन शुरू हो जाता है। शुरू से ही प्रभास की स्क्रीन प्रेजेंस दिखाई देने लगती है। हालांकि प्रभास इस रोल में फिट दिखते हैं लेकिन आपको फिल्म में उनका ‘बाहुबली’ वाली चार्म नहीं दिखाई देगा। फिल्म में उनकी डायलॉग डिलिवरी काफी स्लो है और शायद जानबूझ कर रखी गई है क्योंकि प्रभास के कैरक्टर को रहस्यमयी बनाया गया है जिसके बारे में लोग अंदाजा ही लगाते रहते हैं। श्रद्धा कपूर फिल्म में ग्लैमरस दिखी हैं लेकिन उनका किरदार ठीक से लिखा ही नहीं गया है। उन्हें एक स्ट्रॉन्ग कॉप दिखाने की बजाय एक ऐसी कमजोर कड़ी बना दिया जाता है जिसे बार-बार हीरो को बचाना पड़ता है। प्रभास और श्रद्धा के बीच की केमिस्ट्री में भी आपको कुछ मिसिंग लगेगा।

फिल्म में प्रभास और श्रद्धा की जोड़ी की बात करें तो वो भी दर्शकों के दिलों को नहीं छू पाती। वहीं बात अगर विलेन की करें तो फिल्म में विलेन की भरमार हैं जिनमें से चंकी पांडे बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों को इंप्रेस कर सके। जबकि फिल्म के बाकी विलेन ने निराश किया। वहीं फिल्म के गानों के बारे में बात करें तो वो अच्छे हैं लेकिन फिल्म में उन्हें ऐसी जगह फिल्माया गया है जहां उनकी जरूरत नहीं थी तो वहीं फिल्म में कॉमेडी सीन्स भी दर्शकों को हंसा नहीं पाते। देखा जाए तो फिल्म की कमजोर स्टोरी लाइन और वीक डायरेक्शन से डायरेक्टर सुजीत ने एक अच्छा मौका खो दिया है।

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