गुप्त नवरात्री में करें इन मंत्रों का जाप, सारे दुख होंगे दूर

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माता

नई दिल्ली : गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा शक्ति की उपासना की जाती है। जीवन की समस्त समस्याओं को दूर करने के लिए यह समय बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। उपासना में कहा गया है कलयुग में गणेशजी व दुर्गाजी की उपासना शीघ्र फलदायी है, क्योंकी गणेश जी आपके रास्ते में आने वाले विघ्न दूर कर कार्य को पूरा करवाते हैं और माँ दुर्गा आपको शक्ति का आशीर्वाद देती है और मान्यता है कि इस नवरात्री में मंत्रों का सिद्ध करने का सुनहरा अवसर होता है। इस बार के नवरात्र का विशेष महत्व है, जिसमें माता की पूर्ण भक्ति भाव से पूजा-अर्चना करने से हर संकट-बाधा दूर हो जाएगी।

इसे गुप्त नवरात्रि क्यों कहते हैं
गुप्त नवरात्रि में माता काली के गुप्त स्वरुप की पूजा करने का विधान है। यह पूजा तंत्र साधना के लिए की जाती है जोकि बहुत ज्यादा कठिन मानी जाती है इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्र आषाढ़ और माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाये जाते हैं।

माँ चामुंडा के ये कुछ मन्त्रों का जाप करके आप अनेक संकटों से मुक्ति पा सकते हो। नवरात्री में इस मंत्र के जाप से आप आपकी इच्छित कामनाओ की पूर्ति कर सकते है। नवार्ण मंत्र को मंत्रराज कहा जाता है।

1.इच्छित कामनाओ की पूर्ति लिए- ।। ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।
2.लक्ष्मी प्राप्ति के लिए – ।। ओंम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।।
3.शीघ्र विवाह के लिए – ।। क्लीं ऐं ह्रीं चामुण्डायै विच्चे ।।
4.परेशानियों के अन्त के लिए- ।। क्लीं ह्रीं ऐं चामुण्डायै विच्चे ।।

दरिद्रता नाश के लिए-
दुर्गेस्मृता हरसि भतिमशेशजन्तो: स्वस्थैं: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दरिद्रयदुखभयहारिणी कात्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता।।

विपत्तिनाशक मंत्र-
शरणागतर्दिनार्त परित्राण पारायणे।
सर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥

ऐश्वर्य प्राप्ति एवं भय मुक्ति मंत्र-
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥

बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए-
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥

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