फिर बदला मूडीज का मूड, दूसरी बार घटाया GDP ग्रोथ अनुमान

मोदी सरकार को रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने गुरूवार को एक बार फिर आर्थिक मोर्चे पर झटका देते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रेाथ का अनुमान घटा दिया है। बता दे कि इससे पहले एजेंसी ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 5.8 फीसदी लगाया था, जिसे अब 0.02 फीसदी घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है।

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नई दिल्ली। मोदी सरकार को रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने गुरूवार को एक बार फिर आर्थिक मोर्चे पर झटका देते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रेाथ का अनुमान घटा दिया है। बता दे कि इससे पहले एजेंसी ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 5.8 फीसदी लगाया था, जिसे अब 0.02 फीसदी घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है।

मूडीज ने कहा कि हम भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 5.6 फिसदी कर रहे हैं। 2018 के दौरान ऐजेंसी ने 7.4 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया था। मूडीज का कहना है कि हमारा अनुमान है कि 2020 के दौरान जीडीपी ग्रेाथ 6.6 फीसदी और 2021 के दौरान 6.7 फीसदी रहेगी।

बता दे कि भारत में आर्थिक गतिविधियों में 2018 के मध्य महीने से ही गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में जीडीपी ग्रेाथ आठ फीसदी से गिरकर दूसरी तिमाही में पांच फीसदी पर आ गई है। इसके अलावा बढ़ती बेरोजगारी ने भी विकास दर को प्रभावित किया है। मांग में हो रही कमी से कारखानों में उत्पादन में कमी आई है, जिसके चलते कई सेक्टर्स में सुस्ती का माहौल है।

मूडीज ने विदेशी मुद्रा रेटिंग बीएए2 को बरकारर रखते हुए मार्च 2020 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के मुकाबले 3.7 फीसदी राजकोषीय घाटा रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि सरकार को अनुमान है कि राकोषीय घाटा 3.3 फीसदी रह सकता है। बताया जा रहा है कि विकास दर में सुस्ती और कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से राजस्व घटने से राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर सरकार को झटका लग सकता है।

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