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शांति निकेतन में लगे मोदी-मोदी के नारे, अव्यवस्थाओं के लिए मांगी माफ़ी

Posted on: 25 May 2018 06:37 by Surbhi Bhawsar
शांति निकेतन में लगे मोदी-मोदी के नारे, अव्यवस्थाओं के लिए मांगी माफ़ी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व भारती विश्वविद्यालय के 49वें दीक्षांत समारोह के लिए शांति निकेतन पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्रो को संबोधित भी किया। उन्होंने छात्रो को संबोधित करते हुए सबसे पहले अव्यवस्थाओं के लिए माफ़ी मांगी। इस दौरान वहां मोदी-मोदी के नारे लगने लगे।LIVE UPDATES:
दूसरे देशों के लोग कैसे रहते हैं, उनके सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्य क्या हैं, इस बारे में जानने पर वो हमेशा जोर देते थे। लेकिन इसी के साथ वो ये भी कहते थे कि भारतीयता नहीं भूलनी चाहिए: मोदी
गुरुदेव मानते थे कि हर व्यक्ति का जन्म किसी ना किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए होता है। प्रत्येक बालक अपनी लक्ष्य-प्राप्ति की दिशा में बढ़ सके, इसके लिए उसे योग्य बनाना शिक्षा का महत्वपूर्ण कार्य है। वो कहते थे कि शिक्षा केवल वही नहीं है जो विद्यालय में दी जाती है: मोदीशिक्षा तो व्यक्ति के हर पक्ष का संतुलित विकास है जिसको समय और स्थान में बांधा नहीं जा सकता है। गुरुदेव चाहते थे कि भारतीय छात्र बाहरी दुनिया में भी जो कुछ हो रहा है, उससे परिचित रहें: मोदी
दुनिया के अनेक विश्वविद्यालयों में टैगोर आज भी अध्ययन का विषय हैं। गुरुदेव पहले भी Global citizen थे और आज भी हैं: मोदी
मैं जब तजिकिस्तान गया था, तो वहां गुरुदेव की एक मूर्ति का लोकार्पण करने का अवसर मिला था। गुरुदेव के लिए लोगों में जो आदरभाव मैंने देखा था,वो आज भी याद है: मोदीCulture हो या फिर Public Policy हम एक दूसरे से बहुत-कुछ सीखते हैं। इसी का एक उदाहरण बांग्लादेश भवन है: मोदी
यहां हमारे बीच में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना जी भी मौजूद हैं। भारत और बांग्लादेश दो राष्ट्र हैं, लेकिन हमारे हित एक दूसरे के साथ समन्वय और सहयोग से जुड़े हैं: मोदी
यहाँ मैं एक अतिथि नहीं बल्कि एक आचार्य के नाते आपके बीच में आया हूँ। यहाँ मेरी भूमिका इस महान लोकतंत्र के कारण है: मोदी
ये मेरा सौभाग्य है कि गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर की इस पवित्र भूमि में इतने आचार्यों के बीच मुझे आज कुछ समय बिताने का समय मिला है: मोदीमैं जब मंच की तरफ आ रहा था, तो ये सोच रहा था कि कभी इसी भूमि पर गुरुदेव के कदम पड़े होंगे। यहां कहीं आसपास बैठकर उन्होंने शब्दों को कागज पर उतारा होगा: मोदी
उन्होंने कहा कभी कोई धुन, कोई संगीन गुनगुनाया होगा, कभी महात्मा गांधी से लंबी चर्चा की होगी, कभी किसी छात्र को जीवन का मतलब समझाया होगा: मोदी
इस दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थी।मोदी और शेख हसीना ने रविन्द्र भवन का भी दौरा किया।शांति निकेतन पहुंचे मोदी, ममता बनर्जी ने किया स्वागत। mamta
बता दे कि मोदी पश्चिम बंगाल में भारत और बांग्लादेश के सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक ‘बांग्लादेश भवन’ का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान उनके साथ बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद रहेंगी। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह कोलकाता पहुंच गई है।

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