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ये 5 राशि वाले हो जाए सावधान, आज से गुरु चलेंगे उल्टी चाल

ज्योतिष में कुंडली में अनेक योग पाए जाते है, उनमें से एक है राशि परिवर्तन योग, जब दो ग्रह एक दूसरे की राशि में चले जाते है उसे राशि परिवर्तन योग कहते हैं। यह परिवर्तन ग्रहों, नक्षत्रों तथा राशियों में से किसी का भी हो सकता हैं। यदि ग्रह शुभ हैं तथा केंद्र या त्रिकोण में हैं तो यह राजयोग का निर्माण करता हैं, इसके विपरीत यदि ग्रह नीच का हो या अस्त हो तो परिणाम अच्छे नहीं होते।

यदि यह परिवर्तन योग शुभ होता हैं तो दोनों ग्रहों का बल महादशा व अन्तर्दशा आने पर बढ़ जाता हैं तथा यह बहुत फलदायक होता हैं, जिस प्रकार कुंडली में उच्च के ग्रह अच्छा परिणाम देते हैं उसी प्रकार यह परिवर्तन योग भी व्यक्ति को उच्चाइयों तक पहुचाने में सहायक होते हैं, इसी प्रकार का परिवर्तन योग नक्षत्रों में भी निर्मित होता हैं। तो चलिए जानते है इन राशियों के भाग्य के बारे में –

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना शुभ नहीं है। दरअसल, गुरु दशम है, और वक्री काल में वह अनुकूल बना रहेगा। वक्री होकर धनु में आने से वह नवम हो जाएगा, अत: यह भी फायदा देने वाला हो सकता है। वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में नए पद मिल सकती है। इस समय आध्यात्म से दूरी बन सकती है। मानसिक तनाव होने की संभावना रहेगी। हर गुरुवार को विष्णुजी को पुष्पहार चढ़ाने से कुछ परेशानिया दूर हो सकती है।

वृष

गुरु के वक्री होने से उसका प्रभाव कम हो सकता है। गुरु के धनु में जाने से यह दृष्टि खत्म हो सकती है। वृष राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री रहना मिलाजुला परिणाम लेकर आएगा। इस समय लापरवाही करने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। कारोबार में सावधानी रखें और वाहन प्रयोग में भी सावधान रहें। विष्णुजी के मंदिर में सवा किलो घी चढ़ाने पर समस्याएं दूर होगी। आध्यात्मिक पहलुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है ।पारिवारिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

मिथुन

आठवां गुरु वक्री होने से राहत मिलेगी। मिथुन राशि के जातकों को गुरु के वक्री होने से थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। न्यायालयीन और विवादित मामलों में जीत मिलेगी। आय बढ़ने की संभावना है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती है, इसलिए सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। आर्थिक समस्याओं से आप जूझ सकते है। विष्णुजी की पूजा करने से आपकी समस्याएं दूर होगी।

कर्क

कर्क राशि के लिए गुरु का वक्री होना शुभ रहेगा। गुरु की पूर्ण सप्तम दृष्टि वक्री होने से विश्वास की कमी हो सकती है। इस समय में किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते है। आय का स्रोत बना रहेगा। परिवार से सहयोग मिलता रहेगा। ये समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। व्यापार के क्षेत्र में लाभ मिलने के संकेत भी मिल रहे हैं। कार्य स्थल पर भी विवाद संभव है। विष्णुजी के सामने घी का दीपक रोज जलाने पर आपको लाभ मिलेगा।

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना शुभ नहीं है। षष्ठम गुरु के वक्री होने से राशि पर कुछ निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार्यों को ध्यानपूर्वक करने की जरूरत है। यात्रा का योग बन रहा है। वाहनादि प्रयोग में सावधानी रखना होगा। काम तेजी के साथ संभव हो पाएंगे। परिवार और साझेदार सहयोग प्रदान करेंगे। ऊं नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें, इस समय किसी पर भी निर्भर रहना ठीक नहीं है. ये समय धैर्य रखने का है।

कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना मिलाजुला परिणाम लेकर आएगा। गुरु की नवम पूर्ण दृष्टि राशि पर थी। गुरु के वक्री होने से उसका प्रभाव कुछ कम हो सकता है। व्यापारियों और उच्च पद पर कार्यरत लोगों को कुछ परेशानी बढ़ सकती है। विष्णुजी को शहद चढ़ाएं। कार्यों को पूरा करने के लिए बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता है।

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना कुछ खास नहीं है। इस राशि से गुरु चतुर्थ भाव में है जो मुश्किलें खड़ी कर रहा था, लेकिन गुरु के वक्री होने से इस राशि को फायदा होने की पूरी संभावनाएं बन रही हैं। इस समय में अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। लाभदायक योग बनेंगे और नुकसान की भरपाई करने में सफल होंगे। गुरुवार को चने का दान करें और विष्णुजी को हल्दी चढ़ाएं।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों को गुरु के वक्री होने से मिलाजुला परिणाम मिलेंगे। तृतीय गुरु पूर्व से ही अनुकूल था और वक्री होने के बावजूद वह नुकसानदायक नहीं होगा। नए कार्यों की प्राप्ति होगी। कार्यों को स्वंय करें, किसी और पर निर्भर रहने से नुकसान हो सकता है। प्रेम जीवन में भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नई जगहों पर जाने को मिलेगा और रिश्तेदारों से मुलाकात हो सकती है। केले की जड़ में विष्णुजी की पूजा करने पर आपकी समस्याएं दूर होगी।

धनु

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु के वक्री होने से सामान्य परिणाम मिलेंगे। द्वितीय गुरु पूर्व से और बेहतर फल देने वाला होगा. कुंवारों को विवाह प्रस्ताव की प्राप्ति होगी और अटके धन की प्राप्ति होगी। धन लाभ होगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नए कारोबार में भी रूचि हो सकती है। साझेदारों और मित्रों से सहयोग मिलेगा। इस समय में आपको सभी कार्यों में सफलता मिलने के योग भी बन रहे हैं, बस जरुरत है इस समय कड़ी मेहनत करने की। टूटी दोस्ती फिर से स्थापित होगी। विष्णुजी को केला चढ़ाने पर मनोकामनाएं पूरी होगी।

मकर

मकर राशि के लिए गुरु के वक्री होने से शुभ नहीं रहेगा। गुरु के वक्री होने से किसी प्रकार के नुकसानदायक नहीं है। धर्म कार्यों में व्यय होने की संभावना रहेगी। इस समय आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सेहत पर ध्यान देना होगा। नए मकान की खरीदारी करने का मन बन सकता है। विष्णुजी को हल्दी मिश्रित जल अर्पण करें।

कुंभ

कुंभ राशि के लिए गुरु का वक्री होना शुभ रहेगा। द्वादश गुरु नुकसानदायक हो रहा था, लेकिन अब वह वक्री होने से पुराने नुकसान की भरपाई हो सकता है। पहले जो भी आपको असफलताएं मिली है उन कार्यों को पुन सफल बनाने का प्रयास करेगा। जीवनसाथी से तालमेल बना कर चलने से पारिवारिक जीवन में खुशी का अनुभव करेंगे। छात्र-छात्राओं के लिए ये समय किसी वरदान से कम नहीं है बस जरूरत है, मेहनत करने की।