महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्लास्टिक डिस्ट्रीब्युटर्स, डीलर व विक्रेताओ के साथ की बैठक, शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने की कही बात

केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार सिंगल युज प्लास्टिक के विभिन्न आईटम्स को प्रतिबंधित किया गया है, जिसमें ऐसे पेपर ग्लास, प्लेट व कप जो कि प्लास्टिक कोटेड है वह भी सिंगल युज प्लास्टिक की श्रेणी में आते है, इसके साथ ही प्लास्टिक पैकेजिंग के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।

इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा शासन निर्देशानुसार 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंधित सिंगल युज प्लास्टिक के उत्पादन, परिहवन, संग्रहण, वितरण ब्रिकी व उपयोग पर प्रतिबंध के संबंध में शहर के डिस्पोजल उत्पादक व व्यापारिक एसोसिएशन के पदाधिकारियो के साथ सीटी बस आफिस में बैठक ली गई। बैठक में अपर आयुक्त संदीप सोनी, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के द्विवेदी, अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा, डिस्पोजल उत्पादक एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपने शहर के डिस्पोजल उत्पादकों के व्यापारियों के साथ बैठक के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम के उत्पादन संग्रहण वितरण एवं बिक्री के संबंध में व्यापारियों से चर्चा की गई। महापौर भार्गव ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित किया गया है एवं प्लास्टिक मानव जीवन के लिए घातक है इसलिए हमारा उद्देश्य की इंदौर शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाएं।

इंदौर शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है इसके विपरीत भी अगर सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन संग्रहण विक्रय किया जाता है तो निगम द्वारा चालानी कार्रवाई की जाएगी, इस मौके पर महापौर द्वारा निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उत्पादन संग्रहण एवं विक्रय करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई के दौरान चालन पर उल्लेख करें कि किस कारण से चालानी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही महापौर द्वारा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्यवाही के दौरान व्यापारियों से सम्मान के साथ बात करें एवं उन्हें समझाइए दे।

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महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में बताया कि प्लास्टिक पर्यावरण के साथ ही जीवन के लिये खातक है, सिंगल युज प्लास्टिक का किसी भी प्रकार से कोई निपटान नही होता है, इसलिये केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार सिंगल युज प्लास्टिक के विभिन्न आईटम्स को प्रतिबंधित किया गया है, जिसमें ऐसे पेपर ग्लास, प्लेट व कप जो कि प्लास्टिक कोटेड है वह भी सिंगल युज प्लास्टिक की श्रेणी में आते है, इसके साथ ही प्लास्टिक पैकेजिंग के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।


महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शहर के नागरिको को प्रतिबंधित सिंगल युज प्लास्टिक का उपयोग नही करने के साथ ही प्लास्टिक के अन्य विकल्प के संबंध में भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस संबंध में शहर के प्रमुख 56 दुकान, स्कीम नंबर 54, सर्राफा व अन्य चाट-चौपाटी में डिस्पोजल व प्लास्टिक के स्थान पर स्टील के बर्तनो का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें शहर के जागरूक नागरिक व व्यापारियों-दुकानदारो द्वारा सहयोग किया जा रहा है।

महापौर के निर्देश पर अपर आयुक्त संदीप सोनी ने बताया कि केन्द्र व राज्य शासन निर्देशानुसार प्लास्टिक प्लेट, ग्लास, स्ट्रॉ, चम्मच, कांटे और कप, प्लास्टिक पैकिंग आईटम, प्लास्टिक के आमंत्रण पत्र, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैनर, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक स्टिंक वाले ईयर बडर्स, गुब्बारो की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक झंडे, कैंडी और आईस्क्रीम स्टिक, सजावट वाले थर्माकोल के साथ ही प्रतिबंधित आईटम्स के उत्पादन व निर्माण ना करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इसके साथ ही सिंगल युज प्लास्टिक के मानक स्तर के संबंध में भी उत्पादक व निर्माता से विस्तार से चर्चा की गई।