प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले की प्रचीर से स्वच्छ भारत मिशन और इसके साथ कई योजनाओ के बारे में बात की गई थी। उन्हीं मुद्दों को लेकर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगरीय प्रशासन मंत्री ने काम को लेकर प्रेस कॉफ्रेंस की थी। इसी के साथ मध्यप्रदेश ने स्वच्छता में प्रथम स्थान और इंदौर शहर को 7 स्टार रेटिंग मिलने जैसे कई अहम मुद्दों पर बात की है। 7 स्टार मिलने पर राज्य शासन इंदौर नगर को 7 करोड रूपय का विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

स्वच्छता कर्मी/ स्वच्छता मित्र

प्रदेश में में समस्त 413 नगरीय निकायो में लगभग 25 से 30 हजार सफाई कामगार कार्यरत है, जिनमें नियमित, विनियमित, दैनिक वेतन भोगी, साप्ताहिक मस्टर, 25 दिवसीय तथा आउटसोर्स पर रखें सफाई कामगार है।

हमने यह निश्तित किया है कि आउटसोर्स पर प्रमुख रूप सेनगर निगम छिंदवाडा, बुरहानपुर, इंदौर तथा ग्वालियर एवं अन्य नगरीय निकायो में रखे सफाई कामगरो को आउटसोर्स के स्थान पर साप्ताहिक मस्टर अथवा दैनिक वेतनभोगी के आधार पर रखा जायेगा। जिससे आउटसोर्सपर रखे गये सफाई कामगारो का शोषण न हो सके। हमारी सरकार द्वारा पूर्व में भी सफाई कामगारो प्रत्येक माह की 05 तारीख तक वेतन दिये जाने के निर्देश दिये गये थे। हम पुनः यह सुनिश्चित कर रहे है कि प्रत्येक माह की दिनांक 05 तारीख तक वेतन प्रदान किया जाये।

ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जिन्हें नगर पालिका अथवा नगर परिषदों में पीआईसी के अनुमोदन से एवं नगर निगमों में आयुक्त नगर पालिक निगम अथवा महापौर / एमआईसी के अनुमोदन से रखा गया है, उन्हे स्थाई कर्मी करने का प्रस्ताव अतिशिघ्र शासन द्वारा स्वीकृत किया जायेगा, इस संबंध में मेरे द्वारा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिये गये है।

स्वच्छ भारत मिशन 2.0

आगामी 05 वर्षों में उपयुक्त अधोसंरचनाओ का विकास करते हुवे प्रदेश को कचरा मुक्त बनाने हेतु सभी नगरीय निकायो में कचरा प्रसंस्करण क्षमता को 75% तक बढ़ाना है साथ ही हर जिले में लैंडफिल साइट का निर्माण किया जावेया ।

स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश की उबलब्धियाँ

प्रदेश के शत-प्रतिशत नगरीय क्षेत्रों में कचरा संग्रहण किया जा रहा है। इसके लिये नगरीय निकायों को 5 हजार 423 से अधिक मोटराइज्ड वाहन उपलब्ध कराये गये है। इन वाहनों में जीपीएस और पीए सिस्टम लगाये गये है।

नगरीय निकायों में नाम निर्दिष्ट पार्षद जिन्हें एल्डरमेन कहते है की संख्या में वृद्धि की है, ऐसे नगर निगम जिनकी जनसंख्या एक लाख से अधिक है उनमें एल्डरमैन की संख्या 6 बढाकर 12 अन्य नगर निगमों में 6 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। नगर पालिकों में एल्डरमैन की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 तथा नगर परिषदों में 2 बढाकर 4 की गई है।
प्रश्मन (कम्पाउंडिंग) की सीमा को 10% से बढ़ाकर 30% किये जाने का विधि संशोधन कर नागरिकों को सुविधा दी गई है ।

ऑनलाईन भवन अनुज्ञा अंतर्गत लगने वाले समय सीमा को 30 दिवस से घटाकर 15 दिवस किया है।

स्मार्ट सिटी मिशन

  • स्मार्ट सिटी ग्रांट फंड अंतर्गत कुल स्वीकृत 641 परियोजनाओ में लागत राशि रु 6718.51 करोड़ के कार्य क्रियान्वित किये जा रहे है।
  • स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत युवाओं में उद्यमिता के विभास हेतु प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर तथा उज्जैन में स्टार्ट-अप्स इंक्यूबेशन केन्द्रों की स्थापना की गई है।

नगरीय विकास में निवेश की संभावनाएं

  1. AMRUT 2.0 के अन्तर्गत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों तक पेयजल ओर सीवेज योजना का विस्तार किया जाएगा, जिसमें आगामी 5 वर्षो में लगभग राशि रू 12858.71 करोड़ का निवेश किया जाएगा। जिसमें केन्द्रान्शा रू 4589.93 करोड़ है।
  2. SBM 2.0 के माध्यम से सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिये आगामी 5 वर्षों में राशि रू 4913.74 करोड़ का निवेश किया जावेगा।

नवीन रेडेंसीफिकेसन पॉलिसी

शहरी लोक परिवहन के अन्तर्गत 1500 बसों का संचालन शहरी मार्गों पर किया जाएगा, प्रदेश के 03 शहरों (भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर ) में इलेक्ट्रिक वाहनो रे संचालन को बढ़ावा दिये जाने हेतु 217 ई- चार्जिंग अधोसंरचना विकास का कार्य किया जा रहा है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की योजनवार प्रमुख उपलब्धियां

पी एम. स्वनिधि योजनाः

  • 5 लाख 78 हजार 149 पथ विक्रेताओं का पीएम स्वनिधि का ऋण वितरित किया जा चुका है।
    प्रदेश में लगभग पुराने 119 रात्रि कालिन आश्रयों का नवीनीकरण कर सुविधा युक्त बनाया गया है ।
  • शहरी दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
  • शहरी गरीबों के अत्थान के लिये दिनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का का संचालन प्रदेश के समस्थ 413 नगरीय निकायों में किया जा रहा है।
  • योजना प्रारंभ से 2 लाख 81 हजार युवाओं का कौशल प्रशिक्षण पूर्ण कर 2 लाख 4 हजार प्रशिक्षणार्थयों का
  • प्रमाणीकरण पूर्ण किया जा चुका है। तथा 1 लाख 19 हजार हितग्राहियों को रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
  • विगत 02 वर्षों में (2020-21 व 2022 तक) 1 लाख 1 हजार 354 का युवाओं का कौशल प्रशिक्षण पूर्ण किया गय है।

अमृत योजना

मिशन अंतर्गत 33 शहरों में कुल 212 परियोजनाएं राशि 6868 1 करोड़ कि स्वीकृत है, जिसमें 33 जलप्रदाय, 24 सीवरेज, 23 स्टार्म वाटर ड्रेन 21 शहरी परिवहन एवं 111 हरित क्षेत्र विकास परियोजनाएं सम्मिलित है।

अमृत योजना 2.0

अमृत 2.0 में मध्यप्रदेश में राशि रू 12,858.71 करोड की कार्ययोजना तैयार कि गई है।

विकास योजना

  • इंदौर मास्टर प्लान की अवधी 2021 तक है, नए मास्टर प्लान में बनने प्रकिया प्रारंभ की गई है जिसमें 79 नये गांव मास्टर प्लान में सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित है।
  • इंदौर के विकास को दृष्टिगत रखते हुवे देवास, पीथमपुर तथा धार के मास्टर प्लान को भी इंदौर मास्टर प्लान में सम्लिलित किया जाना प्रस्तावित है।
  • अवैध कालोनियो के नियमितीकरण तथा कालोनी विकास के प्रावधान में अधिनियमों में संशोधन करके आम नागरिकों को राहत दी गई है।
  • अब किसी भी कॉलोनाईजर को कालोनी निर्माण के लिये अलग-अलग नगरिय निकायों से लाईसेंस ले ने कि आवश्यकता नही है बल्कि प्रदेश स्तरीय लाईसेंस प्राप्त करके वह सभी नगरीय निकायों में कॉलोनी विकसीत कर सकेगें।

इंदौर मेट्रो रेल

17 कि.मी. इंदौर मेट्रो रेल परियोजना का प्रायोरिटी कॉरिडोर, 5.98 किलोमीटर लंबे सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर का संचालन सितंबर 2023 में शुरू करने की योजना है।

अध्यतन स्थिति

  1. प्रायोरिटी कॉरिडोर में वायाडक्ट (5.29 कि.मी. लंबाई) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हासिल की गई प्रगति 52.22 प्रतिशत है। इस खंड में 7 मेट्रो स्टेशनों का निर्माण भी प्रगति पर है। प्राप्त प्रगति 17.50 प्रतिशत है।
  2. शेष प्रायोरिटी कॉरिडोर का निर्माण अर्थात 10.9 कि.मी. लंबा वायाडक्ट और 9 स्टेशनों पर काम चल रहा है। प्राप्त प्रगति 22.35 प्रतिशत है।
  3. इंदौर डिपो सिविल और ई एंड एम वर्क्स गांधी नगर में चल स्टॉक डिपो के लिए प्राथमिकता भवनो और बुनियादी ढांचे का निर्माण प्रगति पर है। प्राप्त प्रगति 17.50 प्रतिशत है।
  4. फरवरी 22 में विभिन्न ट्रेक सामग्री की आपूर्ति के लिए तीन पैकेज और अप्रैल – 22 में ट्रैक स्थापना के लिए एक पैकेज के लिए निविदाऐं आमंत्रित की गई है। तकनीकी बोलियां जुलाई- 22 में खोली गई है। एलओए अक्टूबर – 22 के मध्य तक जारी होने की उम्मी है।
  5. प्राथमिकता कॉरिडोर के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर पैकेज के लिए निविदा मूल्यांकन प्रगति पर है और अक्टूबर-22 में एल ओए जारी होने की उम्मीद है। स्वचलित किराया संग्रह पैकेज के लिए बोलियां सितंबर 22 में खोली जानी है।

स्मार्ट सिटी

म.प्र. स्मार्ट सिटी ने मारी बाजी, भोपाल अव्वल, इंदौर नम्बर 2 लैंड डिजिटाइजेशन में म.प्र. अग्रणी राज्य बना। इंदौर बना देश का पहला वॉटर प्लस शहर ।

नागरिक सेवा गांरटी

नागरिक सेवा गांरटी- निकायों के नहीं लगाने होगे चक्कर ई-नगर पालिका करेगा काम निकायो में होगी आईटी विंग माफिया से मुक्त जमीन पर गरीबों को 2 लाख में मिलेगा 10 लाख का मकान म.प्र. की 21 हजार एकड़ जमीन के लिए सरकार की योजना तैयार। भोपाल, इंदौर सहित नगरीय निकायो में एल्डरमेनो की संख्या दोगुना होगी।

  • प्रदेश के नगरीय निकायो में नियुक्त होंगे 1930 एल्डरमैन
  • म.प्र. की री डेवलपमेंट पॉलिसी तैयार जर्जर भवन तोडने पर मुफ्त मैं मिलेगा नया आशियाना, दायरा तो बढ़ेगा ही,
  • सडक, लिफ्ट और पार्किंग भी नई होगी।
  • मास्टर प्लान मे दिलाएंगे आवासहीनो को जमीन।
  • खुले नालो में नहीं बहेगा 411 शहरों में गंदा मल-जल का पानी।
  • अवैध कालोनी फिर होगी नियमित मूलभुत सुविधाऐं भी मिलेगी।
  • प्रदेश में कोई फुटपाथ पर नही सोएगा।

प्रधानंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की अवधि 2024 तक बढ़ाई जाए। क्लास लर्निंग प्लेटफार्म बनेगा।
हर शहर का होगा मास्टर प्लान विकास का मॉडल बनेगा प्रदेश ।
माफिया की जमीनों पर खुलेगे वृद्धाश्रम, स्कूल और दफ्तर।

कॉलोनाइजर ने यदि सड़क और पार्क की जमीन बेची तो होगी 3 से 7. साल की सजा । हमें इनकी तालाब, शहरो, पोखरो, बावडियों जैसे प्राचीन व प्राकृतिक जलसंरचनाओ को सुरक्षित और जीवित बनाए रखना होगा। इन शहरो के प्रीचन स्मारक भवनों, उद्यानों, सिटी फारेस्ट के साथ, त्यौहारो, मेला व उत्सव परंपराओ, खाद्य सामग्रियों, व्यंजन परंपराओ को संरक्षित करते हुए, प्रगतिशील अर्थव्यवस्था वाले शहरों में विकसित करना है।

नगरों के विकास में सौर उर्जा आदि क्लीन एनर्जी उपयोग और प्रदूषण रहित वातावरण, कचरा निष्पादन व्यवस्था, कचरा व वॉटर ट्रीजेंट प्लोट की समुचित व्यवस्था भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार हो

नगरीय क्षेत्रो में पात्र हितग्राहियो को पटटा देने के लिए चलाया जाएगा अभियान। पीएम स्वनिधि योजन के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर। दीनदयाल रसोई योजना का वितस्तार 56 केन्द्रो से बढाकर 100 केन्द्रो तक किया गया।

ट्रेफिक मास्टर प्लान (यातायात)

  • इन्दौर विकास योजना 2021 में प्रस्तावित मुख्य मार्गों एवं मिसिंग लिंक का निर्माण ।
  • इन्दौर विकास योजना में मुख्य मार्ग एम. आर. 05, एम. आर. 03, एम. आर. – 11. एम. आर. 09 एवं आर.ई. 02 का निर्माण नगर निगम इन्दौर तथा आर. डब्लु. -01, एम.आर.-12 एवं आर.ई. -02 ( योजना क्षेत्र के अंतर्गत) इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा किया जाना प्रस्तावित ।
  • यातायात को सुनियोजित करने हेतु 11 फ्लाई ओवर का निर्माण प्रस्तावित । • विजय नगर चौराहा, रेडिसन चौराहा, एम.आर.-09 चौराहा, खजराना चौराहा, मुसाखेडी चौराहा, आई.टी. पार्क चौराहा, भंवरकुआ चौराहा, लवकुश चौराहा, फुटी-कोठी चौराहा, महूनाका चौराहा, रिगल चौराहा ।
  • फ्लाई ओवर के नीचे खेल-कुद की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में पिपलियाहाना चौराहे पर निर्मित फ्लाई ओवर के नीचे खेल-कुद की गतिविधियों हेतु कार्य प्रगति पर है।
  • इन्दौर विकास योजना में प्रस्तावित 75 मीटर चौड़े तथा पूर्व दिशा में 40 किमी. एवं पश्चिम दिशा में 43 कि.मी. लम्बाई के आउटर रिंग रोड़ का निर्माण ।
  • इन्दौर के वर्तमान बायपास के दोनों ओर 45 मीटर कंट्रोल एरिया में से 22.50 मीटर में 4 लेन सर्विस रोड का निर्माण प्रस्तावित ।
  • इन्दौर मेट्रो प्रोजेक्ट के अंतर्गत कुल 104.50 कि.मी. मेट्रो नेटवर्क का निर्माण प्रस्तावित, जिसमें से एयरपोर्ट से लवकुश चौराहा, विजय नगर चौराहा, रेडिसन चौराहा, खजराना चौराहा तक कार्य प्रगति पर है।
  • केवल कार नेटवर्क ( रोप-वे) का फिजिबिलिटी अध्ययन कर इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा पायलय प्रोजेक्ट के माध्यम से निर्माण प्रस्तावित । इन्दौर विकास योजना 2021 में प्रस्तावित बस स्टैण्ड का निर्माण ।
  • इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा ग्राम कुमेड में अंतर्राष्ट्रीय तर्ज पर मुख्य मार्ग क्रमांक 2 एवं 10 के संगम पर आई. एस. बी. टी. का निर्माण कार्य प्रगति पर ।
  • इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा ग्राम नायता मंडला में बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य प्रगति पर
    पार्किंग हेतु पार्किंग मास्टर प्लान तैयार किया जाकर विभिन्न प्रकार की बहुमंजिला पार्किंग, ऑफ स्ट्रीट पार्किंग, ऑन स्ट्रीट पार्किंग, भू-तल पार्किंग का प्रावधान कर शहर में पार्किंग समस्या का समाधान किया जाना प्रस्तावित ।
  • नगर का यूएम. टी. नई दिल्ली के सहयोग से ए.आई.सी.टी. एस. एल. के द्वारा कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान तैयार किया जाकर शहर में समस्त यातायात एवं पदचारियों मार्ग के संबंध में नवीन तकनीकी के माध्यम से यातायात को सुगम एवं सुचारु बनाया जा रहा, जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट प्राप्त हो गई है तथा पूर्ण रिपोर्ट सितम्बर तक प्राप्त होगी।

अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एवं लॉजीस्टिक हब

  1. इन्दौर एयरपोर्ट का वर्तमान क्षेत्र तथा हवाई पट्टी का विस्तार करते हुए यात्रियों की संख्या में 4 एम.पी.पी.ए. से 6
  2. एम.पी.पी.ए. (मिलियन पेसेंजर पर एनम ) किया जाना प्रस्तावित ।
  3. इन्दौर एयरपोर्ट पर अंतर्राष्ट्रीय कार्गो 5000 टन क्षमता का गोदाम तैयार एवं विस्तार प्रस्तावित ।
  4. +9 इन्दौर एयरपोर्ट से लगभग 25 कि.मी. की दूरी पर बेटमा देपालपुर में 200 एकड़ में अंतर्राष्ट्रीय लॉजस्टिक हब प्रस्तावित ।

रेलवे

इन्दौर शहर को रेल मार्ग के माध्यम से अन्य शहरों से जोड़ने के लिए इन्दौर- दाहोद लाइन का कार्य प्रगति पर है।
इन्दौर में रेलवे स्टेशन का अंतर्राष्ट्रीय तर्ज पर आधुनिक विकास किया जाना प्रस्तावित है।

इकोनॉमिक कॉरिडोर

एम.पी.आई.डी.सी. के द्वारा इन्दौर एयरपोर्ट से पीथमपुर निवेश क्षेत्र में ए.बी. रोड मार्ग तक मार्ग के दोनों ओर 300-300 मीटर ईकोनॉमिक कॉरिडोर की योजना प्रस्तावित की गई है, जिसकी कुल लम्बाई 19.60 कि.मी. है। उक्त योजना से शहर का वित्तीय ढांचा मजबूत होगा तथा रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिलेगा। इन्दौर शहर में गैर प्रदूषणकारी उद्योग को प्रोत्साहित करने हेतु ग्राम रंगवासा में टोय क्लस्टर का विकास किया जाना प्रस्तावित है।

एकीकृत मंडी का विकास

शहर में स्थित समस्त मंडियों (सब्जी, फल, फुल, अनाज, लोह, लकड़ी इत्यादि) को समायोजन कर ग्राम माचला एवं कैलोद करताल में अंतर्राष्ट्रीय तर्ज पर लगभग 500 एकड़ के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से एकीकृत मंडी का विकास किया। जाना प्रस्तावित है।

पर्यावरण संरक्षण

  • जलाशयों का जीर्णोधार बिलावली तालाब का लेक फ्रंट डेवलपमेंट सहित रिजनल पार्क का विकास।
  • कान्ह नदी के दोनों तरफ सौन्दर्यीकरण एवं कायाकल्प का कार्य ।
  • ग्राउण्ड वाटर रिचार्जिंग हेतु शहर में कुल 22 रिचार्जिंग झोन का चिन्हाकन कर लिए गया है. चिन्हित रिचार्जिंग झोन का सौन्दर्यीकरण एवं कायाकल्प का कार्य किया जाना प्रस्तावित ।

प्रस्तावित इन्दौर विकास योजना 2035

  1. वर्तमान निवेश क्षेत्र में वृद्धि करते हुए वृद्धित निवेश क्षेत्र का गठन किया गया है। कुल निवेश का क्षेत्रफल 881.05 वर्ग कि.मी. एवं 169 ग्राम सम्मिलित है ।
  2. एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से सेटेलाइट इमेज प्राप्त कर सत्यापन व वेटिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा बेस मेप तैयार करने का कार्य प्रचलित है ।
  3. इन्दौर निवेश क्षेत्र, पीथमपुर निवेश क्षेत्र तथा मह निवेश क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए इन्दौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का गठन किया गया।
  4. ‘क्षेत्रीय यातायात को दृष्टिगत रखते हुए देवास, इन्दौर, महू, पीथमपुर, धार निवेश क्षेत्र का संयोजन किया गया।

इन्दौर विकास प्राधिकरण की नवीन नगर विकास योजना (टीपीएस)

  • ॐ इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा नगर विकास योजना क्रमांक 1 3 4 5 एवं 8 शासन द्वारा अनुमोदित होकर क्रियान्वयन की कार्यवाही प्रचलन में।
  • इन्दौर विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्रमांक 9 एवं 10 शासन के समक्ष अनुमोदित होकर प्रारूप अभिन्यास करने की कार्यवाही ।
  • इन्दौर विकास प्राधिकरण के द्वारा सुपर कॉरिडोर में योजना क्रमांक 151 एवं 169 बी में भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिससे शहरवासियों को खेलकुद की गतिविधियों हेतु प्रोत्साहन मिलेगा।

लोकल एरिया प्लान

इन्दौर नगर निगम द्वारा पुनर्धनत्वीकरण, यातायात अंसगत भूमि उपयोग, सांस्कृति धरोवर, पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए मध्य क्षेत्र कुल 159 हेक्टेयर में लोकल एरिया प्लान तैयार किया गया।