ममता बनर्जी का नया दांव, अब नीति आयोग का किया बहिष्कार | Mamata Banerjee’s New Stakes, Now boycotted Niti Aayog Meeting…

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Mamta

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र की मोदी सरकार में दकरार बढ़ती जा रही है। अब ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर नीति आयोग पर आपत्ति जताई है। ममता का कहना है कि नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं और राज्य की योजनाओं का समर्थन करने की शक्ति नहीं है। इस वजह से मेरे लिए बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। गौरतलब है कि पिछली मोदी सरकार के कार्यकाल में भी ममता बनर्जी बैठकों से दूर ही रही है।

पश्चिम बंगाल की सीएम बनर्जी का कहना है कि केंद्र सरकार ने योजना आयोग को खत्म कर दिया और दिखावे के लिए उसकी जगह नए संगठन का निर्माण कर दिया। बनर्जी राज्यों के बीच एक अंतर-राज्यीय समन्वय बनाने के लिए एक नई व्यवस्था के गठन की पैरवी करती रही हैं।

ममता बनर्जी ने बनर्जी ने पत्र में लिखा है कि नीति आयोग के साथ पिछले साढ़े चार सालों से अनुभव ने मुझे आपको पूर्व में दिए सुझाव पर वापस ला दिया है कि हमें संविधान की धारा 263 के तहत उचित संशोधनों के साथ अतंर राज्यीय परिषद् का गठन करना चाहिए। इससे कि संविधान द्वारा मिली शक्तियों का उचित क्रियान्वयन हो सके। इससे आपसी समन्वय गहरा होगा और संघीय राजनीति को मजबूती मिलेगी।

इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि दुर्भाग्य से योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग नाम के एक नए संगठन का एक जनवरी, 2015 को गठन किया गया। जिसे राज्यों की सहायता, उनकी आवश्यकता के आकलन के आधार पर कोई वित्तीय अधिकार प्रदान नहीं किए गए, जैसा कि पूर्ववर्ती योजना आयोग द्वारा किया जा रहा था। इसके अलावा, नए संगठन में राज्यों की वार्षिक योजना के समर्थन की शक्ति का भी अभाव है।

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