महाराष्ट्र: 6 माह के लिए लगा राष्ट्रपति शासन, राजनीतिक दलों के पास बचा ये रास्ता

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मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी उठापटक के बीच राष्ट्रपति शासन लग गया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश किए जाने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सिफारिश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि अब भी राज्य में सरकार बनाने का विकल्प खुला है।

ऐसे बन सकती है सरकार

बता दे कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों को राज्यपाल को इस बात का विश्वास दिलाना होगा कि उनके पास बहुमत है। इसके बाद भी ये राज्यपाल पर ही निर्भर करेगा कि वह सरकार गठन के लिए राज्य से राष्ट्रपति खत्म कर राजनीतिक दलों को न्योता दे सकते हैं। गौर हो महाराष्ट्र में छह माह के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था। लेकिन सरकार में शिवसेना द्वारा 50-50 फाॅर्मूले की मांग किए जाने के बाद दोनों ही पार्टियों के बीच टकराव पैदा हो गया था और सरकार नहीं बन पाई थी। वहीं राज्यपाल कोश्यारी द्वारा सरकार गठन के लिए बीजेपी को न्योता दिए जाने के बाद भी पार्टी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए थे।

शिवसेना नहीं दे पाई समर्थन पत्र

वहीं शिवसेना भी सरकार बनाने के लिए राज्य को तय समय में 145 विधायकों का समर्थन पत्र नहीं दे पाई थी। जिसके बाद राज्यपाल ने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन तय समय से पहले ही महाराष्ट्र में राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। राज्यपाल ने कहा राज्य में में कोई भी पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में धारा 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।

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