Breaking News

महाराष्ट्र पुलिस का हैरान कर देने वाला खुलासा, आतंकवादियों के साथ भी था माओवादी विचारकों का संपर्क

Posted on: 31 Aug 2018 17:49 by Lokandra sharma
महाराष्ट्र पुलिस का हैरान कर देने वाला खुलासा, आतंकवादियों के साथ भी था माओवादी विचारकों का संपर्क

Maharashtra police briefing on bhima koregaon violence case

वामपंथी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पुरे देश में एक चर्चा का विषय बनी हुई है, और एक बार फिर पूरा देश दो धड़ों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है। इन सब के बिच अब महाराष्ट्र पुलिस भी दावा कर रही है कि गिरफ्तार किये माओवादी समर्थकों के खिलाफ ठोस सबूत हैं, जिससे यह साबित होता है कि इनका अलगाववादीयों से सबंध था, इन्ही सबूतों के आधार पर गिरफ़्तारी की गयी थी। गिरफ़्तारी के एक दिन बाद पुणे पुलिस ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उसके पास ऐसे ‘साक्ष्य’ हैं, जिनसे पता चलता है कि ‘आला राजनीतिक पदाधिकारियों’ को निशाना बनाने की साजिश थी। सिर्फ इतना ही नहीं पुलिस का यह भी दावा है कि उन्हें मिले सबूतों से इस बात का भी पता चलता है कि पांचो वामपंथी कार्यकर्ताओं के कश्मीरी अलगाववादियों से संबंध थे। पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शिवाजीराव बोडखे ने ऐसे साक्ष्य होने का भी दावा किया, जिससे पता चलता है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के तार कश्मीरी अलगाववादियों से जुड़े थे।

महाराष्‍ट्र पुलिस ने सबूत के तौर पर माओवादियों के कई पत्र सार्वजनिक किये और यह दावा किया कि माओवादी ‘मोदी राज’ को खत्‍म करने के लिए हथियार और ग्रेनेड खरीदना चाहते थे। माओवादी एम-4 ग्रेनेड लांचर के चार लाख राउंड खरीदना चाहते थे। माओवादियों के पास पहले से ही रूस निर्मित जीएम-94 ग्रेनेड लांचर है। एक अन्‍य पत्र में राजीव गांधी जैसी घटना का भी जिक्र किया गया है। इन पत्रों में कश्‍मीरी अलगाववादियों के साथ मिलकर हमले करने की भी बात कही गई है। सिंह ने कहा कि रेड के दौरान बहुत सा साहित्य सीज किया गया है। उन्‍होंने कहा कि सबूतों के मुताबिक सीपीआई माओवादी की साजिश थी कि कानून व्‍यवस्‍था को बिगाड़ा जाए और उसके बाद सरकार को पलटा जाए।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com