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मध्यप्रदेश: कई मंत्री-विधायकों के टिकट पर कैंची!

Posted on: 01 Nov 2018 12:55 by Surbhi Bhawsar
मध्यप्रदेश: कई मंत्री-विधायकों के टिकट पर कैंची!

मुकेश तिवारी
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मध्यप्रदेश में चौथी बार सरकार में आने को बेताब भाजपा की शिवराज सरकार के कई मंत्रियों, भाजपा विधायकों और बड़े नेताओं के टिकट पर भी कैंची चलाने जा रही है। इनमें से कुछ मंत्री-विधायकों के विधानसभा क्षेत्र भी बदले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक़ भोपाल और दिल्ली में चार दिन तक चले मंथन के बाद 230 में से करीब 180 विधानसभा सीटों पर एक नाम पर सहमति बन गई है। बाकी को लेकर मंथन चल रहा है। आज-कल में भाजपा अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है।

बताया जाता है कि जिन मंत्री-विधायकों के टिकट कट रहे हैं  उनको इसकी भनक लग चुकी है। वह अपना टिकट बचाने के लिए दिल्ली में बड़े नेताओं के घर डेरा डाले हुए हैं। कुछ मंत्री-विधायक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों और बड़े संतों का भी सहारा टिकट काटने से रोकने के लिए ले रहे है। छत्तीसगढ़ की तरह ही मध्यप्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी टिकट वितरण में बड़ी सर्जरी करने जा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक़ अबतक 50 मंत्री-विधायकों के टिकट पर कैंची चलने की संभावना बन गई है। भाजपा अपने गढ़ मालवा-निमाड़, मध्यभारत, विंध्य और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी कई विधायकों के टिकट काटने जा रही है। इनमे पहली बार से लेकर तीन-चार बार जीतने वाले विधायकों के नाम भी बताए जा रहे है।

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सूत्रों का दवा है कि पार्टी ने कुछ बड़े नेताओं और दिग्गजों और विधायकों से कह दिया है कि उन्हें टिकट नहीं दिया जा सकता। ऐसे में वह अपनी पसंद का उम्मीदवार अपने विधानसभा क्षेत्र में बता दे। जहां टिकट कांटने जा रहे है वहां आरएसएस से भाजपा में आए नेताओं, युवाओं और महिलाओं को मौका दिया जा रहा है। कांग्रेस के बड़े नेताओं और विधायकों के खिलाफ विशेष रणनीति के तहत पार्टी अपने उम्मीदवार उतार रही है। टिकट वितरण में जातिगत समीकरणों का भी खूब ख़याल रखा जा रहा है। पार्टी ने टिकट वितरण से पहले करवाए सर्वे और संघ से मिले जमीनी फीडबैक का ध्याम टिकट वितरण में रखा है।

कुछ सांसदों, पूर्व सांसदों ने भी विधानसभा चुनाव टिकट के लिए दावेदारी की थी, उनकी दावेदारी को भी टिकटों पर मंथन करते समय फिलहाल खारिज नहीं किया गया है। पार्टी इस बात को लेकर भी गंभीर है कि इतनी बड़ी संख्या में मंत्री-विधायकों के टिकट काटे जाने के बाद बगावत के जो झंडे बुलंद होंगे उससे कैसे निपटा जाएगा।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार और Ghamasan. com के संपादक हैं।

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