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आसमान पर लिखी इबारत पढ़ती भाजपा

Posted on: 24 Nov 2018 11:11 by Surbhi Bhawsar
आसमान पर लिखी इबारत पढ़ती भाजपा

मुकेश तिवारी
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दो दिन पहले मैंने कांग्रेस के कॉन्फिडेंस पर चर्चा की थी। आज बात भाजपा के आसमान छूते आत्मविश्वास पर कर रहा हूं । कांग्रेस का अपना चाहे जो कॉन्फिडेंस हो पर भारतीय जनता पार्टी को इससे कोई खास लेना-देना नहीं। ना तो कांग्रेस का कॉन्फिडेंस उसे डरा रहा है ना ही चिंता में डाल रहा है। वह आत्मविश्वास से लबरेज है और उसके नेताओं के लबों पर यह विश्वास कब्जा जमाए बैठा है कि भाजपा तीनों हिंदी भाषी राज्यों में फिर सत्ता में आने वाली है।

बरसों भाजपा संगठन की आवाज रहे और अब मोदी सरकार की ओर से मोर्चा संभालने वाले रविशंकर प्रसाद हों या फिर भाजपा की चिर परिचित आवाज राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन। दोनों की बातों से लगता है कि भाजपा 2018 का यह चुनावी सेमीफाइनल बहुत आसानी से फतह करने जा रही है।

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रविशंकर प्रसाद गुरूवार को इंदौर में थे। उन्होंने साफ संकेत दिया कि भाजपा की जीत से कम कुछ होने ही नहीं जा रहा है। वहीं शुक्रवार को जब सैयद शाहनवाज हुसैन मीडिया के बीच आए तो तीन चौथाई बहुमत का दावा अपने साथ लेकर आए। अलग से जब मैंने उनसे बात की और पूछा कि चुनाव बहुत नजदीक आ गया है दीवार पर लिखी इबारत को भारतीय जनता पार्टी क्या पढ़ रही है? जवाब आया दीवार पर लिखी इबारत को मिटाया जा सकता है। मैं आसमान पर लिखी इबारत देख रहा हूं कि शिवराजसिंह चौहान मध्य प्रदेश के फिर मुख्यमंत्री बनने वाले हैं। मैं भी शपथ विधि समारोह में आऊंगा और आपको भी आने का निमंत्रण देता हूं। शाहनवाज की तरह ही भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता टीम में एक और सादगी भरा मुस्लिम चेहरा है नाम है जफर इस्लाम। उनसे भी मैंने हाल ही में बात की थी। आत्मविश्वास से भरे जफर ने कहा था कि भाजपा तीनों हिंदी भाषी राज्यों में फिर सरकार में आ रही है । कुछ इसी तरह के बोल मालवा- निमाड़ क्षेत्र में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन की ओर से तैनात किए गए राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल के भी थे।

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सरकार और भाजपा की आवाज कहलाने वाले इन नेताओं को जो नजर आ रहा है वह हकीकत है या नहीं इसका फैसला 11 दिसंबर को होना है। इतना जरूर है कि कांग्रेस 15 साल बाद बहुत कॉन्फिडेंस में दिख रही है। वह बदलाव की बयार, वनवास की समाप्ति, सत्ता में वापसी जैसे शब्दों को बहुत स्पष्ट और सुंदर अक्षरों में अपनी डायरी में लिख चुकी है। दूसरी ओर शाहनवाज हुसैन के शब्दों में तो भाजपा जीत रही है। कांग्रेस कमजोर है, लाचार है, हार रही है इसलिए गाली-गलौज पर उतर आई है। इधर मध्यप्रदेश में मतदान की बेला बहुत करीब आ गई है लेकिन जिसे मतदान करना है वह आम आदमी इन सारे वादों, दावों और राजनीतिक तमाशों के बीच खामोश बना हुआ है।

लेखक, Ghamasan.com के संपादक हैं।

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