Breaking News

धुंध का हमारे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक जीवन में घणा महत्व है

Posted on: 25 Oct 2018 15:33 by Ravindra Singh Rana
धुंध का हमारे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक जीवन में घणा महत्व है

हाल ही में दिल्ली समेत तमाम शहरों पर छायी धुंध पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त निबंध इस प्रकार है- धुंध का हमारे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक जीवन में घणा महत्व है। प्रख्यात दार्शनिक गीतकार स्वर्गीय साहिर लुधियानवी ने 1973 में आयी फिल्म धुंध में लिखे गीत में कहा था- संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है,एक धुँध से आना है, एक धुँध में जाना है। साहिर साहब तब दिल्ली एनसीआर का खाका ही खींच रहे थे कि धुंध से ही आना है, धुंध में ही जाना है। शायर दूरदर्शी होता है, भविष्यदर्शी होता है। धुंध सब तरफ बिखरी पड़ी है। हमें जो साफ धूप दिखायी देती है, वह कुछ नहीं धुंध की तैयारी है। हमें जो बारिश दिखायी पड़ती है, वह भी धुंध की तैयारी है।

फेसबुक पर धुंध है, ट्विटर पर धुंध है। जिसे आप अपना क्लोज फ्रेंड समझ रहे होते हैं, वह फेसबुक पर फर्जी नाम से आपकी बखिया उधेड़ रहा होता है। जिसे आप फेसबुक पर स्वीटी समझ रहे होते हैं, वह पहलवान सकटा प्रसाद बरामद होते हैं जो नकली नाम से आपसे डील कर रहे होते हैं। फेसबुक पर जितनी धुंध बिखरी हुई है, उतनी तो हाल में दिल्ली एनसीआर में भी ना बिखरी।

ट्विटर पर भी विकट धुंध है, पब्लिक समझती रही कि राहुल गांधीजी के नाम से होनेवाले ट्वीट राहुलजी करते हैं, बाद में उन्होने खुद बताया कि यह तो उनका डौगी करता है। समझना मुश्किल है। क्या समझे बंदा और क्या निकल जाये।

राजनीति में सुपर धुंधात्मक माहौल है, कौन कहां है, पहचानना मुश्किल है। जब सब लालू-नितीश गठबंधन पक्का मानकर चल रहे थे, तब पता चला कि नितीशजी भाजपा के साथ आ गये। गुजरात में कांग्रेस के बड़े नेता वाघेला विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर चले गये, कहां हैं वह, इस सवाल के जवाब पर धुंध पड़ी है। केजरीवालजी ने अपना राजनीतिक कैरियर कांग्रेस के खिलाफ हमले करके बनाया अब उनकी सरकार के लिए कांग्रेस नेता पी चिदंबरम् केस लड़ते हैं। बीसीसीआई के भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के वकील कांग्रेस कपिल सिब्बल होते हैं। इतना विकट धुंधात्मक माहौल चल रहा है पालिटिक्स में कि समझना मुश्किल है कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के अंदर ही हैं या लगभग बाहर हैं।

धुंध का गहरा आर्थिक महत्व है। धुंध से कई रोजगार मिलते हैं। एयर प्यूरीफायर वालों का रोजगार धुआंधार चल निकला है। वरिष्ठ सांसद हेमा मालिनीजी एक एयर प्यूरीफायर की तारीफ करते हुए जहरीली हवा से निपटने का उपाय रेखांकित करती हैं। धुंध के हल्ले में तरह-तरह के मास्क बिक रहे हैं। वैसे भी आदमी इतने मुखौटे चेहरे पर लगाये घूमता है कि एकाध मुखौटा और लगाने में किसी को अब तकलीफ ना हो रही है।

बाबा राम रहीम को एक्टर मानें या बाबा मानें या डांसर मानें या सिंगर मानें या बेहद कामयाब कारोबारी,यह सवाल धुंध के घेरे में है।जैसा कि प्रख्यात दार्शनिक गीतकार स्वर्गीय साहिर लुधियानवी ने बरसों पहले बता दिया था कि संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है,एक धुँध से आना है, एक धुँध में जाना है। दिल्ली एनसीआर वाले तो इस गीत का अर्थ हाल के दिनों में बहुत ही अच्छी तरह से समझ गये हैं।

 

आलोक पुराणिक की कलम से

 

Cover images source

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com