लोकसभा चुनाव: 33 करोड़ रुपए है आपकी उंगली पर लगने वाली स्याही की कीमत | Lok Sabha Election: 33 Crores is the cost of INK

0
36
voting ink

लोकतंत्र के महापर्व यानी लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए आज वोट डाले जा रहे है। कुल 543 लोकसभा सीटों में से 91 लोकसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे है। मतदाताओं में वोटिंग के लिए भारी उत्साह देखा जा रहा है। जब आप वोट डालते है तो आपकी उंगली पर एक खास तरह की स्याही लगाई जाती है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये स्याही कहां से आती है और इसकी कीमत क्या है?

must read: लोकसभा चुनाव: मोदी के खिलाफ किस्मत आजमाएंगे यह रिटायर्ड जज | Justice CS Karnan can contest loksabha election against Narendra Modi from Varanasi

कहां से आती है ये स्याही

चुनाव आयोग के लिए पक्की स्याही बनाने का काम कर्नाटक सरकार का उपक्रम मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड करता है। यह एक सरकारी अधिकृत निर्माता है, जो इस स्याही का निर्माण करता है। 1962 में चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय, राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के साथ मिलकर मैसूर पेंट्स के साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पक्की स्याही की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया था।

कितना होगा खर्चा

मैसूर पेंट्स के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर डोडामनी के मुताबिक़ एक स्याही की बोतल की कीमत 127 रुपये होती है। पिछले आम चुनाव के ,उकाबले इस चुनाव में 4.5 लाख शीशियां ज्यादा मंगाईं गई हैं। इसका संभावित टर्नओवर करीब 33 करोड़ रुपये का है। मैसूर पेंट्स दुनियाभर में 30 से ज्यादा देशों को पक्की स्याही निर्यात करता है। लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 26 लाख बोतलों का ऑर्डर दिया था।

must read: लोकसभा चुनाव : कई जगह बिगड़ी ईवीएम, लगी लंबी कतारें

गौरतलब है कि आज यानी 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान किया जा रहा है। इस चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे है। आखिरी चरण की वोटिंग 19 मई को होगी और नतीजे 23 मई को आएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here