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Live Update- संघ एक लोकतांत्रिक संघठन – प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में मोहन भागवत का बयान

Posted on: 07 Jun 2018 14:29 by Lokandra sharma
Live Update-  संघ एक लोकतांत्रिक संघठन – प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में मोहन भागवत का बयान

संघ प्रमुख भागवत इस वक्त बोल रहे हैं –

विविधता में एकता ही हमारी पहचान है: भागवत
नागपुर। गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वर्ग समापन कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नागपुर में हर साल संघ का कार्यक्रम में होता है, जिसमें देश की प्रमुख हस्तियों को निमंत्रित किया जाता रहा है, ये संघ की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही हमारी पहचान है। संघ हिंदुओं को ही नहीं बल्कि पूरे देश को संगठित करता है। संघ लोकतांत्रिक विचारों वाला संगठन है।
उन्होंने कहा कि कोई भारतवासी किसी के लिए पराया नहीं है, संघ के लिए भी कोई पराया नहीं है। संघ संपूर्ण समाज को संगठित करता है। विविधता में ही एकता भारत की पहचान है। मतभेद अपनी जगह है, लेकिन हम सब एक हैं। भारत में जन्मा हर कोई भारत पुत्र है।
उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार कांग्रेस के आंदोलन में रहे। आजादी के आंदोलन में हेडगेवार क्रांतिकारियों के साथ रहे, वे दो बार जेल भी गए।

प्रमुख हस्तियों को बुलाना संघ की परंपरा रही है
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में आमंत्रित करने के विषय में भागवत ने कहा कि संघ के कार्यक्रम में गैर संघी को आमंत्रित करने की पुरानी परंपरा रही है। संघ उनको बुलाते रहा है। अपनी पहचान कायम रखते हुए भी दूसरों का सम्मान रखना संभव है। उन्होंने कहा कि आरएसएस आरएसएस है और प्रणब मुखर्जी प्रणब मुखर्जी है और रहेंगे।
विविधता में एकता ही हमारी पहचान है: भागवत
नागपुर। गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वर्ग समापन कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नागपुर में हर साल संघ का कार्यक्रम में होता है, जिसमें देश की प्रमुख हस्तियों को निमंत्रित किया जाता रहा है, ये संघ की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही हमारी पहचान है। संघ हिंदुओं को ही नहीं बल्कि पूरे देश को संगठित करता है। संघ लोकतांत्रिक विचारों वाला संगठन है।
उन्होंने कहा कि कोई भारतवासी किसी के लिए पराया नहीं है, संघ के लिए भी कोई पराया नहीं है। संघ संपूर्ण समाज को संगठित करता है। विविधता में ही एकता भारत की पहचान है। मतभेद अपनी जगह है, लेकिन हम सब एक हैं। भारत में जन्मा हर कोई भारत पुत्र है।
उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार कांग्रेस के आंदोलन में रहे। आजादी के आंदोलन में हेडगेवार क्रांतिकारियों के साथ रहे, वे दो बार जेल भी गए।

प्रमुख हस्तियों को बुलाना संघ की परंपरा रही है
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में आमंत्रित करने के विषय में भागवत ने कहा कि संघ के कार्यक्रम में गैर संघी को आमंत्रित करने की पुरानी परंपरा रही है। संघ उनको बुलाते रहा है। अपनी पहचान कायम रखते हुए भी दूसरों का सम्मान रखना संभव है। उन्होंने कहा कि आरएसएस आरएसएस है और प्रणब मुखर्जी प्रणब मुखर्जी है और रहेंगे।

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