Live : राष्ट्रपति बोले, भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के सत्र के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद राज्यसभा के सत्र की शुरुआत भी हो जाएगी। इससे पहले लोकसभा स्पीकर बनने के बाद ओम बिरला ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकत की थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने काफिले के साथ संसद भवन पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी अगवानी की।पीएम मोदी के साथ संसद भवन के गेट पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद रहे। इसके बाद सेंट्रल हाॅल में राष्ट्रगान हुआ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों सदनों के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित सांसदों को बधाई देते हूं। देश के 61 करोड़ मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। लोगों ने भीषण गर्मी में उत्साह से मतदान किया। इसमें युवा और महिलाओं ने विशेष भूमिका निभाई है। इस लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी मतदाताओं को बधाई देता हूं।

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इस बार 78 महिला सांसदों का चुना जाना नए भारत के तस्वीर प्रस्तुत करता है। भारत की विविधताएं इस सत्र में दिख रही हैं, क्योंकि इस बार कई क्षेत्रों से सदस्य चुनकर आए हैं। खेल, शिक्षा, वकालत, फिल्म, समाज सेवा हर क्षेत्र से आए लोग यहां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने बहुत की स्पष्ट जनादेश दिया है और पहले कार्यकाल के मूल्यांकन के बाद दूसरी बार बड़ा जनादेश दिया है।

2014 से पहले के वातावरण से सभी देशवासी परिचित है और देश को निराशा के माहौल का निकाला है। मेरी सरकार ने सबका साथ-सबका विकास के नारे पर काम किया है, जहां किसी के साथ भेदभाव नहीं है। मेरी सरकार पहले दिन से ही देशवासियों का जीवन सुधारने, कुशासन से पैदा मुसीबत दूर करने के लिए समर्पित है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि देश के लोगों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लंबे समय तक इंतजार किया, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। देश के हर व्यक्ति को सशक्त करना मेरी सरकार का ध्येय है। हम अब मूलभूत आवश्यकताओं को पूरी करते हुए सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त, सुरक्षित और सर्वसमावेशी भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। नए भारत की परिकल्पना सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास से प्रेरित है।

राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2022 में आजादी के 75वें साल में अब नए भारत के कई लक्ष्य हासिल कर चुके होंगे। नए भारत के पथ पर शहरी भारत और ग्रामीण भारत दोनों का विकास होगा। मेरी सरकार ने 21 दिन के कम समय में ही किसान, जवान, महिलाओं के लिए काम करना शुरू कर दिया है।

किसान सम्मान निधि पर 90 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान

राष्ट्रपति ने कहा कि किसान सम्मान निधि पर प्रति वर्ष 90 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। कृषि उपज और ग्रामीण भंडारण की सुविधा दी जाएगी। किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए किसान उत्पादक संघ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मेरी सरकार नीली क्रांति के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए विशेष फंड बनाया गया है। देश में किसानों, मजदूरों, महिलाओं, गरीबों के लिए सशक्त योजनाएं बनी हैं। ंराष्ट्रपति ने जल संकट को 21वीं सदी की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि जलस्रोत सूख रहे हैं और यह संकट गहराता जा रहा है। देशवासी स्वच्छ भारत की तरह जल प्रबंधन को लेकर भी दिखाएं।

सरकार ने नए जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है, जिसके दूरगामी लाभ होंगे। मेरी सरकार सूखे की चपेट में हर क्षेत्र के बारे में सजग है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की दिक्कत कम करने के लिए काम किया जा रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी मुहैया कराया जा रहा है। कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की योजना हैफ उन्होंने कहा कि फसल बीमा, सॉइल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया की योजनाएं लाई गई हैं।

सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति

राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। कर व्यवस्था को आसान बनाने के लिए जीएसटी को और सरकार बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि सुशासन सुनिश्चित करने से भ्रष्टाचार कम होता है और मेरी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति की ओर व्यापक बनाएगी।

उन्होंने कहा कि ह्यमन इंटरफेस को कम करने के लिए तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। कालेधन पर लगाम लगाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। लोकपाल की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। भगोड़ों को देश लाने के लिए प्रत्यर्पण संधि हुई हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि समृद्ध भारत के निर्माण में इन्फ्रास्ट्रक्चर की भूमिका अहम है। वेस्ट मेटेरियल का इस्तेमाल भी सड़क निर्माण में किया जा रहा है और इससे रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। गांव, पूर्वोत्तर और आदिवासी इलाकों में भी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत 2022 तक 35 हजार किलोमीटर रोड बनने हैं। सागरमाला प्रोजेक्ट का काम भी तेजी से चल रहा है। उड़ान योजना से छोटे शहर भी हवाई यात्रा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ऐसी परिवहन व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसमें गति और सुरक्षा के साथ पर्यावरण का भी बराबर ख्याल रखा जाए।

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए मेरी सरकार ने यह साबित कर दिया है। नक्सलियों और आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से दाखिल हुए विदेशी देश के लिए खतरा है और घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे इलाकों में एनआरआई लागू किया जाएगा।

सीमा की सुरक्षा को और सशक्त किया जाएगा, ताकि घुसपैठ को रोका जा सके। जम्मू कश्मीर के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल देने के लिए मेरी सरकार प्रयासरत है। देश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार कठोर कदम उठा रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य देशों के साथ हमारे संबंध मजबूत हुए हैं। 2022 में भारत जी-20 सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक मान्यता मिल रही है। इस समय भी दुनिया के कई हिस्सों में योग दिवस के कार्यक्रम चल रहे हैं।

आतंकवाद को मुद्दें पर भारत की बात आज दुनिया सुन रही है और मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करना इसकी मिसाल है। राष्ट्रपति ने कहा कि बिम्स्टेक देशों का शपथ ग्रहण में आना पड़ोसी देशों से भारत के मित्रवत संबंधों को दर्शाता है। पासपोर्ट से लेकर वीजा की सुविधाओं को आसान बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए मेरी सरकार प्रयासरत है और इसका लाभ किसान, आपदा से बचने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में छिपे रहस्यों को जानने के लिए भी भारत आगे बढ़ रहा है और हम चंद्रयान को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2022 तक हम गगनयान में मानव को भेजने के लिए भी प्रयासरत हैं। देश की सुरक्षा तैयारियों में मिशन गगन शक्ति के जरिए नया आयाम जुड़ा है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्पेस साइंस में भी काफी काम किया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश की सेनाओं को आधुनिक और मजबूती देने के लिए सरकार प्रयासरत है। राफेल और अपाचे विमान जल्द ही हमारी वायुसेना का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल वॉर मेमोरियल शहीदों को राष्ट्र की श्रद्धांजलि है। पुलिस मेमोरियल भी इसी की एक मिसाल है। राष्ट्रनिर्माताओं की स्मृतियों को संजोकर रखना भी हमारी काम है। लालकिले में म्यूजियम बनाया गया है, जिसमें स्वतंत्रता सैनानियों को याद किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के हर हिस्सों में कहीं न कहीं चुनाव होता रहता है और इसी वजह से समय की मांग है कि एक राष्ट्र एक चुनाव की व्यवस्था लाई जाए, ताकि देश का विकास तेजी से हो सके। इसके लिए राष्ट्रपति ने एक साथ चुनाव के प्रस्ताव पर विचार की अपील की।

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