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सीए इंदौर शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय डायरेक्ट टैक्स नेशनल कांफ्रेंस का शुभारम्भ

Posted on: 26 May 2018 14:22 by Lokandra sharma
सीए इंदौर शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय डायरेक्ट टैक्स नेशनल कांफ्रेंस का शुभारम्भ

इंदौर: आईसीएआई की इंदौर सीए शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय नॅशनल कांफ्रेंस का शुभारम्भ दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एवं ईश्वर कमिटी के चेयरमेन जस्टिस आर.वी.ईश्वर तथा इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के सदस्य सीए मनीष बोरड द्वारा किया गयाI

इंदौर सीए शाखा के चेयरमेन सीए अभय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इंदौर ब्रांच के इतिहास में यह पहला अवसर है कि किसी एक वर्ष में एक से ज्यादा नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा हो तथा पहली बार किसी एक खास विषय पर पूरी कांफ्रेंस का आयोजन किया गया हो I उन्होंने कहा कि यह कांफ्रेंस पूरी तरह गो-ग्रीन कांसेप्ट पर आधारित है तथा इसके सम्बन्ध में किसी भी तरह की सोवेनियर या इनविटेशन कार्ड का प्रकाशन नहीं किया गया है I उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विकासशील से विकसित राष्ट्र की तरफ अग्रसर है तथा वर्ष २०१७-१८ में समूचे भारत में ९९.४९ लाख नए करदाताओं ने अपने रीटर्न दाखिल किये हैं जबकि सिर्फ आयकर इंदौर रीजन में ही १.९२ लाख नए करदाता जुड़े हैं I इस तरह चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लिए आने वाला समय स्वर्णिम है जो कि जबरजस्त प्रोफेशनल ऑपरच्युनिटिस लिए हुए हैI

चीफ गेस्ट जस्टिस आर वी ईश्वर ने बताया कि चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एक्ट की जबरजस्त समझ रखते हैं तथा आयकर अधिकारी के समक्ष या अन्य फोरम पर रेग्युलर क्वेशचन ऑफ लॉ का सामना करते हैंI चार्टर्ड एकाउंटेंट्स में आईपीसी तथा कर कानूनों दोनों का दोहरा ज्ञान होता हैI उन्होंने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल में बहुत अच्छा रोल अदा करते हुए कर कानूनों के उचित प्रशासन में सरकार की मदद करते हैंI आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की नियुक्ति लेखा सदस्य के रूप में की जाती है इससे ट्रिब्यूनल की प्रतिष्ठा बड़ी हैI

स्पेशल गेस्ट आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल के सदस्य सीए मनीष बोरड ने कहा कि इन्फोर्मेशन टेक्नोलोजी के युग में अब सारी जानकारी रेडीमेड मिल जाया करती है तथा यही डिजिटल फूट प्रिंट टैक्स गवर्नेंस में निष्पक्ष निर्णय दिलाने में मदद करते हैंI उन्होंने कहा कि इंदौर के करदाता कराधान में बहुत अनुशासित हैI

मुंबई से पधारे एडवोकेट हर्ष कोठारी ने बताया कि जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट या रेश्यो एग्रीमेंट तभी वह वैध होगा तथा एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं है तो कानूनन वह अनुबंध अवैध करार दिया जाएगा और उसका कानून में कोई संरक्षण या दावा नहीं किया जा सकेगाI

मुंबई से आए डायरेक्ट टेक्स्ट एक्सपर्ट सीए भद्रेश दोषी ने पेनल्टी के नए सेक्शन 270 A पर अपना उद्बोधन देते हुए बताया असेसिंग ऑफिसर को यह डीसाईड करना होगा कि कितनी इनकम अंडर रिपोर्टिंग हुई है तथा कितनी मिसरिपोर्टिंग I अंडररिपोर्टिंग की दशा में ५० % पेनाल्टी लगाई जा सकती है तथा मिसरिपोर्टिंग में २००% पेनाल्टी लगाई जा सकती है I करदाता के पास यह अधिकार है कि वो उचित सफाई पेश करे तथा सभी मटेरियल फेक्ट्स ऑफिसर के सामने पेश करेI यदि असेसिंग ऑफिसर सेटिस्फाई हो जाता है कि करदाता ने जानबूझकर कोई इनकम नहीं छुपाई है तथा करदाता के अकाउंट कंप्लीट और सही हैं तो उस पर कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी I

मुंबई से पधारे डॉक्टर अनूप शाह ने एचयुऍफ़, सक्सेशन, विल और ट्रस्ट पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें अपनी मृत्यु के बाद संपत्ति के बंटवारे का प्लान अवश्य करना चाहिए I हर उम्र वर्ग के इंसान को अपनी विल जरूर बनानी चाहिएI हिन्दू सक्सेशन एक्ट २००५ में आए संशोधन के मुताबिक अब घर की बेटी भी पिता की जायदाद की बराबर में हिस्सेदार होती है I इस संशोधन की खास बात यह है कि 09.09.2005 जब यह संशोधन लाया गया; को दोनों पिता एवं पुत्री का जीवित होना अनिवार्य है तभी इस संशोधन का लाभ उठाया जा सकता है I
हिंदू अविभाजित परिवार में किसी भी सदस्य द्वारा अपनी एचयूएफ को गिफ्ट देने पर कोई टैक्स का प्रावधान नहीं है परंतु यदि HUF से किसी सदस्य को कोई गिफ्ट दी जाती है जाए तो उस पर टैक्स लगाया जायेगा I उन्होंने कहा कि पारिवारिक बंटवारे या फैमिली सेटलमेंट में सदस्यों को मिलने वाली संपत्ति करमुक्त होगी I कोई इंसान अपने परिवार के लोगों के पालन पोषण के लिए ट्रस्ट बना सकता है और ट्रस्ट को इन संपत्ति की प्राप्ति पर टैक्स कोई नहीं लगेगाI किसी भी ट्रस्ट द्वारा किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर नहीं खरीदे जा सकते और यदि खरीदने पड़े तो वहां ट्रस्टी के नाम पर ही लिए जा सकते हैंI किसी इंसान की मृत्यु पर नॉमिनेशन को प्राथमिकता दी जाएगी या उसकी विल को इस पर डॉक्टर शाह ने बताया कि मुंबई हाई कोर्ट द्वारा यह डिसाइड किया गया है कि विल को नॉमिनेशन पर प्राथमिकता दी जाएगी I उन्होंने कहा कि वसीयत या विल बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जिसमे विल लिखित में होनी अनिवार्य है ताकि उसे कानूनी मान्यता मिल सके, विल मनुष्य के जीवन काल में ही बनाई जाना अनिवार्य है और विल बनाते समय मनुष्य अपने पूरे होशो हवास में होना अनिवार्य है I विल को रजिस्टर करवाना ऑप्शनल रहता है परंतु इसे करवाने के कई फायदे होते हैं I विल में कम से कम दो इंडीपेंडेंट गवाह अनिवार्य होते हैं I मनुष्य अपनी डिजिटल विल या वीडियो विल भी बना सकता है I

दिल्ली से आये प्रसिद्द लेखक और प्रकाशक सीए रवि गुप्ता ने कहा कि यदि आपने असेसमेंट के समय असेसिंग ऑफिसर को पुरे पेपर्स और एविडेंस दिए हैं तो असेसिंग ऑफिसर एडीशन नहीं कर सकता है I यदि सर्च के केस में असेस्मेंट किया जा रहा है तो ६ सालों के केस का असेस्मेंट किया जायेगा तथा इन ६ वर्षों में जो भी केस पेंडिंग होंगे वो स्वत: समाप्त हो जायेंगे I सर्च के दौरान यदि दुसरे व्यक्ति के पेपर्स मिलते हैं तो उस दुसरे व्यक्ति के यहाँ भी सर्च एक्सटेंट हो सकती हैं I
धन्यवाद् अभिभाषण ब्रांच सचिव सीए हर्ष फिरोदा ने दिया तथा इस अवसर सीए सोम सिंघल, सीए कीर्ति जोशी, सीए आनंद जैन, सीए पंकज जी शाह, सीए प्रमोद तापडिया, सीए अतुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स उपस्थित थे I
कल कांफ्रेंस के दुसरे और अंतिम दिन के सेशन सीए भवन इंदौर में सुबह १० बजे से शुरू होंगे जो कि शाम ५ बजे तक चलेंगे I

आपके समक्ष सादर प्रकाशनार्थ प्रस्तुत है I
भवदीय:
सीए अभय शर्मा
चेयरमेन
इंदौर सीए शाखा
९८२७०६७७३२

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