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ऑफिस रिकॉर्डर से मुख्यमंत्री बने लथनहवला, क्या बचा पाएंगे कांग्रेस का किला

Posted on: 09 Nov 2018 13:45 by shilpa
ऑफिस रिकॉर्डर से मुख्यमंत्री बने लथनहवला, क्या बचा पाएंगे कांग्रेस का किला

एक स्कूल के ऑफिस रिकॉर्डर से मुख्यमंत्री बने लथनहवला, क्या बचा पाएंगे कांग्रेस का किला  तो आइए जानते है इनके बारे में –

एल.लथनहवला का जन्म 1942 को हुआ था। अपनी स्नातक की पढाई 1964 में पूरी करके स्कूल निरीक्षक के ऑफिस में रिकॉर्डर के रूप में करियर की शुरुआत की। उन्होंने बैंक में असिस्टेंट के तौर पर भी कार्य किया। बाद में वें एक भूमिगत आंदोलन से जुड़ गये जो मिजो नेशनल फ्रंट का था और वे इसके विदेश सचिव थे।इसमे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जब 1967 में जेल से छुटने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ गए और पार्टी ने उन्हें आईजोल जिले का मुख्य संगठनकर्ता बना गिया गया।

एल लथनहवला 1973 में मिजोरम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने और आज तक वे इसी पद पर है। 1978 और 1979 में वो केन्द्रशासित प्रदेश के चुनाव में विधायक चुने गये। 1984 के कांग्रेस की बड़ी जीत के साथ राज्य के मुख्यमंत्री बन गए।

1987 में मिजोरम को भारत का पूर्ण राज्य घोषित कर पहला विधानसभा चुनाव कराया गया और 1988 में लथनहवला राज्य के सीएम बने और 1993 तक सीएम बने रहे। पहली बार 1998 में उनको राजनैतिक हार का सामना करना पड़ा। उनकी अगुवाई में 2008 में कांग्रेस ने सरकार का गठन किया। 2013 के मिजोरम विस चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटों 34 सीटें जीतीं। मिजोरम के करिश्माई नेता माने जाने वाले लथनहवला 9 बार विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं।

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