Kuno National Park : पालपुर राजघराने का आरोप, शेरों के लिए दी थी जमीन लाए जा रहे हैं चीते, जिनके लिए काटे जा रहे हैं पेड़

मध्य प्रदेश के श्योपुर के पालपुर राजधराने ने आरोप लगाया है की उनके परिवार के द्वारा शेरों के लिए अपना किला और जमीने दी थी, जबकि सरकार के द्वारा यहां पर चीते लाए जा रहे हैं। यदि शेर लाए जाते तो वन संरक्षण में मदद मिलती, जबकि चीतों के लिए जंगल के पेड़ों को काट कर मैदान में तब्दील किया जा रहा है।

आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के जन्म दिवस के अवसर पर देश से 70 साल पहले वर्ष 1952 में समाप्त हुई चीतों की प्रजाति को एक बार फिर देश में वापस लाया जा रहा है। दरअसल नामीबिया से आठ चीते एक विशेष डिजाइन किए गए प्लेन में आज भारत के मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर लाए गए हैं। यहां से एक विषेश हेलीकॉप्टर से इन चीतों को एमपी के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में लाया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी भी पहुंचे कूनो नेशनल पार्क

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी चीतों की आगवानी के लिए मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में पहुंच चुके हैं। ग्वालियर एयरपोर्ट में राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत किया ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ग्वालियर एयर बेस पर पहुंचने के बाद सेना के हेलिकाप्टर से राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चाैहान के साथ श्याेपुर के कूनाे अभयारण्य पहुंचे। दूसरे हेलिकाप्टर से मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस और प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सेना भी हुए रवाना।

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पालपुर राजघराने का आरोप, शेरों के लिए दी थी जमीन लाए जा रहे हैं चीते

इसी बीच मध्य प्रदेश के श्योपुर के पालपुर राजधराने ने आरोप लगाया है की उनके परिवार के द्वारा शेरों के लिए अपना किला और जमीने दी थी, जबकि सरकार के द्वारा यहां पर चीते लाए जा रहे हैं। यदि शेर लाए जाते तो वन संरक्षण में मदद मिलती, जबकि चीतों के लिए जंगल के पेड़ों को काट कर मैदान में तब्दील किया जा रहा है। इस राजघराने के एक वंशज ने एक जारी वीडियो के माध्यम से अपनी बात रखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि – ”या तो हमें अपनी जमीन वापस दी जाए या सेंचुरी (अभयारण्य) में शेर लाए जाएं.”