आज इस समय बन रहा है अद्भूत गुरु पुष्य नक्षत्र योग, सफल होंगे शुभ कार्य | Know about the Pious and Prosperous Guru Pushya Nakshtra

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pushya nakshatra

27 नक्षत्रों में से आठवें नक्षत्र यानि पुष्य नक्षत्र। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में से सबसें श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं ग्रहों की बात करें तों देवगुरु बृहस्पति की मान्यता सबसें ज्यादा है। देवगुरु बृहस्पति के संयोग से बनने वाले गुरु पुष्य योग का आरंभ आज रात 8 बजकर 29 मिनट पर होगा। साथ ही आज पूरे दिन गुरु का नक्षत्र पुनर्वसु भी विद्यमान रहेगा। इसलिए गुरुवार का दिन और गुरु का नक्षत्र होने के फलस्वरूप सर्वार्थ सिद्धि योग तो बनेगा, किंतु गुरु पुष्य योग का प्रभाव रात 08ः29 के बाद ही होगा। जानिए गुरु पुष्य नक्षत्र में किन कामों को नहीं करना चाहिए और किन चीजों के लिए यह शुभ रहता है।

गुरू पुष्य नक्षत्र में होने वाली शुभ चीजें

गुरु पुष्य नक्षत्र में मंत्र दीक्षा, उच्च शिक्षा ग्रहण, भूमि, क्रय-विक्रय आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना, यज्ञ अनुष्ठान और वेद पाठ आरंभ करना, गुरु धारण करना, पुस्तक दान करना और विद्या दान करना और विदेश यात्रा आरंभ करने के लिए काफी फायदेमंद होता है।

ये काम भूल से भी ना करें

गुरु पुष्य नक्षत्र जितना फलकारी होता है उतना ही इस समय सर्तक रहने की भी जरुरत होती है। पुराणों के अनुसार यह एक श्रापित नक्षत्र है। गुरु पुष्य नक्षत्र में विवाह को छोड़कर अन्य कोई भी कार्य किया जा सकता है। माता पार्वती के श्राप के कारण पुष्य नक्षत्र में विवाह करना अशुभ माना गया है।

इस समय करें शुभ कार्य

यदि आप गुरु पुष्य नक्षत्र के योग में कुछ कार्य करना चाहें तो रात्रि 08ः29 के बाद कर सकते हैं, किंतु शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकते हैं। हालांकि अनुष्ठान, तंत्र प्रयोग या फिर अध्ययन से संबंधित कोई भी कार्य आज निशीथ बेला और महानिशीथ बेला में किया जा सकता है।

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