Breaking News

कीर्ति आजाद पहली बार कांग्रेस की क्लोज फिल्डिंग में | Kirti Azad for the first time in Congress Close Fielding

Posted on: 14 Apr 2019 12:58 by Surbhi Bhawsar
कीर्ति आजाद पहली बार कांग्रेस की क्लोज फिल्डिंग में | Kirti Azad for the first time in Congress Close Fielding

कभी क्रिकेट के मैदान में चौके-छक्के जड़ने वाले और 1983 में पहली बार विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद इन दिनों कांग्रेसियों की क्लोज फिल्डिंग में फंसे है। बिहार के मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे कीर्तिवर्धन की राजनीतिक पारी वैसे तो भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले शुरू हुई थी।

राजधानी दिल्ली के गोल मार्केट विधानसभा क्षेत्र से 1993 में विधायक चुने गए थे। उसके बाद दरभंगा बिहार से तीन बार 1999, 2004 व 2014 में सांसद निर्वाचित हुए। इतने वरिष्ठ नेता को 2014 में भाजपा ने निलंबित कर राजनीतिक क्षेत्र से लगभग बेदखल कर दिया। कारण था अरुण जेटली की सदारत वाली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना रहा। तब बीसीसीआई के भ्रष्टाचार के किस्से भी सुर्खियों में थे, लेकिन जेटली को यह बात सहन नहीं हुई और उन्होंने अपने दबाव-प्रभाव का इस्तेमाल कर कीर्ति को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

करीब चार साल तक उपेक्षा झेलने के बाद 2019 की शुरुआत मे कीर्ति ने कांग्रेस का दामन थामा और कांग्रेस ने उन्हें झारखंड की धनबाद सीट से बतौर सितारा प्रत्याशी मैदान में उतारा। चुनाव के नतीजे क्या होंगे? इसका फैसला आने में तो समय है, फिलहाल तो कीर्ति कांग्रेसियों की क्लोज फिल्डिंग से परेशान हैं। उनका वास्ता अभी तक भारतीय जनता पार्टी के संगठन से ही पड़ता रहा। कांग्रेस से पड़ने का तो सवाल ही नहीं। वे जैसे ही धनबाद पहुंचे पार्टी फोरम पर हंगामा मच गया।

पार्टी के लोगों ने ही उन्हें काले झंडे दिखाए, स्वागत में कीर्ति आजाद वापस जाओ, बाहरी उम्मीदवार नहीं चलेगा जैसे नारे बुलंद किए और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए भी हाय-हाय के नारे लगाए गए। हालात ऐसे बने कि लगभग आधा दर्जन पार्टी पदाधिकारियों को निलंबित करने की नौबत आ गई। ऐसी शुरुआत के साथ कीर्ति का चुनाव अभियान धनबाद में किसी तरह शुरू हुआ। निलंबित नेताओं में कांग्रेस के जिला संगठन सचिव गोपाल धारी, जीतेश धर दुबे, मनोज पांडेय, अशोक चौहान, करण दूबे शामिल हैं। अब क्रिकेट के मैदान से राजनीति तक दुश्मनों को परास्त करने वाले कीर्ति अपनों की बगावत से निपटकर धनबाद से दिल्ली की राह कैसे पकड़ते हैं, यह देखने वाली बात होगी।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com