Breaking News

रेरा आवासीय क्षेत्र की सफलता की चाबी – श्री डिसा

Posted on: 11 Jan 2019 14:04 by mangleshwar singh
रेरा आवासीय क्षेत्र की सफलता की चाबी – श्री डिसा

इंदौर: रेरा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने कहा है कि रेरा एक्ट जिन पक्षकारों को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं। उनको इसके प्रति जागरूक किये बगैर एक्ट की मंशा पूरी नही हो सकती। यह एक ऐसा सामाजिक दायित्व है, जो किसी जरूरतमदों के सपनो को पूरा करता हैं। इस कार्य में विधि विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होकर उनकी सहभागिता आवश्यक हैं। श्री डिसा आज रेरा और उसके क्रियान्व्यन तथा प्रभाव विषय पर रिनान्सा विधि विश्वविघालय के इन्दौर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन कर सत्र को संबोधित कर रहे थे।
श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि रेरा-एक्ट नागरिक केद्रित तो है परन्तु यह बिल्डरों के विरूद्ध नही है। उन्होंने कहा कि इससे जो बदलाव आएगा, उससे बिल्डरों को ज्यादा खरीदार मिलनें के साथ ही बाजार में मांग बढ़ेंगी। साथ ही समय पर खरीदार अपनी गाढी कमाई से पंसदीता आवास प्राप्त कर सकेंगे। श्री डिसा ने कहा कि रियल एस्टेट, भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाला द्धितीय सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक है। सामाजिक जरूरत पूरी करने होने के साथ-साथ इससे अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।

रेरा अध्यक्ष श्री डिसा ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर की सफलता के लिये इससे जुड़े सभी घटको द्वारा रेरा के नियमों का पालन जरूरी हैं। वित्तीय अनुशासन में रहकर ही, भौतिक लक्ष्य की पूर्ति संभव हैं। श्री डिसा ने कहा कि रेरा एक्ट का लाभ आम लोगों को मिले, इसके लिये सभी प्रोजेक्ट का पंजीयन होना आवश्यक है । अभी तक रेरा प्राधिकरण मे 2105 प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके है। शेष बची अपूर्ण परियोजनाओं के पंजीयन के लिए प्राधिकरण दृढ-संकल्पित हैं।

उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण द्वारा अपंजीकृत प्रोजेक्ट/कालोनी की जानकारी देने वाले सूचनाकर्ताओं को पुरस्कृत करने करने के लिए पुरस्कार योजना भी लागू की गई हैं।पुरूस्कार योजना के अनुसार किसी भी सूचनाकर्ता द्वारा अपंजीकृत अपूर्ण परियोजना की जानकारी का वॉट्स अप संदेश,मोबाईल नंबर 8989880123 पर अथवा [email protected] पर मेल के माध्यम से भेजा जा सकता हैं।
कार्यशाला को, रेरा-प्राधिकरण के न्यायिक सदस्य श्री दिनेश कुमार नायक तथा तकनीकि सदस्य श्री अनिरूद्ध कपाले ने भी संबोधित किया । प्रारम्भ में विश्वविघालय के कुलपति श्री स्वपनिल कोठारी ने भी अपने विचार रखें।

कार्यशाला मे रियल इस्टेट से जुडे़ सीए, इंजीनीयर्स, आर्किटेक्ट सहित बड़ी सख्या में विधि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com