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करतारपुर कॉरिडोर : भारत-पाक के बीच चर्चा खत्म, 80 फीसदी मुद्दों पर बनी सहमति

Posted on: 14 Jul 2019 17:09 by bharat prajapat
करतारपुर कॉरिडोर : भारत-पाक के बीच चर्चा खत्म, 80 फीसदी मुद्दों पर बनी सहमति

नई दिल्ली : भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर बैठक खत्म हो गई है। जिसमें कई फैसलों पर सहमति बनी है। बता दें कि रविवार सुबह वाघा बॉर्डर पर हुई इस बैठक में भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई थी।

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मोहम्मद फैसल ने बताया है कि इस बैठक में 80 फीसदी मामलों पर सहमति बन गई है। वहीं बाकी बचे मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए एक और बेठक भी की जा सकती है।

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास की माने तो प्रतिदिन 5 हजार श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा गुरु पर्व पर विशेष ऐतिहासिक मौके पर 10 हजार श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा साहिब के दर्शन की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि बैठक में श्रद्धालुओं की एंट्री फीस को लेकर भी चर्चा की गई है।

दास ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस यात्रा के आड़ में भारत विरोधी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दे भारत द्वारा जीरो पॉइंट पर एक पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके चलते पाकिस्तान से भी अपनी तरफ से इस तरह का एक पुल बनाने का अनुरोध किया गया है। इस पुल के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित अवधि मुहैया कराई जाएगी साथ ही बाढ़ से जुड़ी चिंताओं का भी हल निकाला जाएगा मालूम हो यह पुल क्रिक (जलधारा) के ऊपर है जिसका बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बैठक में करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम की तारीख पर भी चर्चा की गई है। पाकिस्तान की ओर से पीएम इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पाकिस्तानी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।

खबर यह भी है कि इस बैठक में कॉरिडोर को खोलने और बंद करने का टाइम टेबल पर सहमति भी बन सकती है। इसके अलावा गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कितनी करेंसी अपने पास रखने की अनुमति होगी इस पर भी चर्चा की गई है। साथ ही कॉरिडोर के रास्तों पर चैकसी बरतने के लिए वीडियोग्राफी और पूरे रास्ते में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी चर्चा की गई है श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं पर भी चर्चा की गई है।

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