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कर्नाटक चुनाव जिताएगी, यह जातियां ?

Posted on: 14 May 2018 18:24 by Lokandra sharma
कर्नाटक चुनाव जिताएगी, यह जातियां ?

#कर्नाटक_किसका

कर्नाटक का राजनीतिक मैदान कई मायनों में अलग और निराला है. यहां हर चुनाव जातिगत ही होता है. और इसी आधार पर जीत और हार तय होती है. कर्नाटक की दो प्रमुख जातियां जिन्होंने हर चुनाव में अपनी उपस्थिति को दर्शाया है. यह जातियां लिंगायत और वोक्कालिगा है. कर्नाटक के लगभग हर मुख्यमंत्री इन्हीं जातियों से रहे हैं. इसके अलावा चरवाह जाती कुरुबा में काफी संख्या में हैं.

कर्नाटक में कमल पहुँचने का कारण ही जातिगत समीकरण था. दरअसल बी एस येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं. और यही वजह है कि लिंगायत का इतना समर्थन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिला कि उसने दक्षिण भारत में अपना परचम कर्नाटक से ही लहरा दिया था. बता दे राज्य में लिंगायत 17 प्रतिशत और वोक्कालिगा 11-12 फीसदी हैं.

कांग्रेस और बीजेपी दोनों बड़ी जातियों को अपने पाले में लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसी कड़ी में सिद्धारमैया सरकार ने लिंगायत और वीरशैव लिंगायत को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देने का फैसला किया है. सिद्धारमैया का ये दांव ट्रंप तुरुप का इक्का साबित हो सकता है. राज्य की 224 सीटों में से 100 से अधिक सीटों पर इनका प्रभाव है.

वहीं दूसरी तरफ वोक्कालिगा को जेडीएस का वोटर माना जाता है. जेडीएस के बड़े नेता एचडी देवेगौड़ा इसी समुदाय से आते हैं. वोक्‍कालिगा की कर्नाटक के दक्षिण के 10 जिलों में मजबूत पकड़ है. इसी लिए देवगोड़ा को किंग मेकर माना जा रहा है. वहीं काहा जाता है कि सिद्धारमैया सरकार ने इस जाती कि काफी अनदेखी की है. इसका असर नतीजों पर पड़ सकता है.

और यदि बात कुरबा जाती की करें तो वो कर्नाटक की तीसरी सबसे बड़ी जाती है. कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इसी जाति से आते हैं, ऐसे में कुरुबा का समर्थन कांग्रेस को माना जा रहा है. राज्य में कुरुबा आबादी 8 फीसदी है. इसके अलावा राज्य में 19 प्रतिशत दलित और 16 प्रतिशत मुस्लिम भी हैं. अतः यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है.

 

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