42 लोग,16 बच्चे…10 साल से बंधक, गुनाह ये की 1000रु. कर्ज नहीं चुका पाए

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चेन्नई: तमिलनाडु के वेल्लूर और कांचीपुरम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 13 परिवारों को 10 साल से बंधक बनाकर रखा गया था। इनसे लकड़ी के कारखानों में मजदूरी करवाई जाती थी, आज सुबह 2 जिले के कलेक्टरो ने छापा मारकर 42 लोगों को छुड़वाया है। इनमें 16 बच्चे हैं ।जब अधिकारी इस परिवार को छुड़वाने पहुंचे तो 70 साल के काशी उनके पैरों में गिर गए और चीख चीख कर रोने लगे । हमें छुड़ा लीजिए ।

छोटे-छोटे बच्चों को यहां नरक भोगना पड़ रहा है। बताया जाता है महज 1000 र की उधारी के लिए बुजुर्ग काशी को बंधक बनाया गया था । इसी तरह बाकी परिवारों को भी थोड़ा-थोड़ा उधार चुकाना था। किसी का भी पैसा 10000 र से ज्यादा नहीं था । लेकिन फिर भी इनके साथ जानवर से बुरा सलूक किया जा रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ मजदूरों ने साहूकारों से पैसे लिए थे ,जो समय पर नहीं चुका पाए। कोई चीज भी गिरवी नहीं रखी थी इसलिए इन्हें बंधक बना लिया गया। जानवरों की तरह इन से काम लिया जाता है।

खाना भी नहीं दिया जाता था। अधिकारियों ने बताया कि हमें कुछ दिन पहले ही इस मामले की जानकारी मिली थी, हमने तब से ही तैयारी शुरू कर दी थी। पूरी कार्रवाई गुप्त तरीके से की गई ताकि किसी को भनक नहीं लगे । तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। जांच चल रही कुछ और लोग मुलजिम बनाए जा सकते हैं। यह भी पता चला है यहां से छुड़ाए गए बच्चों को स्कूल भी जाने नहीं दिया जाता था ,गांव के बाहर भी किसी को निकलने की इजाजत नहीं थी। मारपीट और बदसलूकी भी की जाती थी । महिलाओं के साथ गंदी हरकत भी हुई है। अभी इन सभी बातों की पुष्टि होना बाकी है। अगले कुछ दिनों में जांच पूरी होने के बाद सारा खुलासा हो जाएगा।

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