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सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बोपैया ही बहुमत परीक्षण कराएंगे

Posted on: 19 May 2018 03:02 by Ravindra Singh Rana
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बोपैया ही बहुमत परीक्षण कराएंगे

नई दिल्ली: इस याचिका पर कोर्ट नंबर-6 में सुनवाई शुरू हो चुकी है। बता दें कि याचिका में प्रोटेम स्पीकर के अधिकार सीमित करने की मांग भी की गई है।सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि प्रोटेम स्पीकर सबसे वरिष्ठ सदस्य को बनना चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा कई बार हो चूका है, कि प्रोटेम स्पीकर सबसे वरिष्ठ सदस्य नहीं बने।सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनते हुए कहा है , बोपैया ही बहुमत परीक्षण कराएंगे आज शाम 4 बजे।

कर्नाटक प्रोटेम स्पीकर पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बोबड़े ने कहा- कई बार सबसे सीनियर विधायक को प्रोटेम स्पीकर नहीं बनाया गया है,सुनवाई के दौरान जस्टिस बोबड़े की बड़ी टिप्पणी, नोटिस जारी करने से फ्लोर टेस्ट पर फर्क पड़ेगा,कपिल सिब्बल ने कहा- बोपैया शपथ दिला सकते है, बहुमत परीक्षण ना कराएं।

जस्टिस बोबडे ने कहा- कांग्रेस विरोधाभासी बातें कर रही है, एक तरफ आप प्रोटेम स्पीकर को हटाना चाहते है वही फ्लोर टेस्ट के लिए और वक्त नहीं चाहते, बहुमत परीक्षण का लाइव टेलीकास्ट होगा, प्रोटेम स्पीकर का फैसला।

 कर्नाटक में येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनानें के बाद में कर्नाटक का सियासी संग्राम रुकने का नाम नही ले रहा है, सूत्रों के माध्यम से सीएम बीएस येद‍ियुरप्‍पा शांगरी ला होटल से सुब‍ह 9 बजे निकलकर सबसे पहले पार्टी के MLA की बैठक में जाएंगे. इसके बाद वे बहुमत परीक्षण के लिए विधानसभा जायेंगे।

कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस अपनी सरकार बनानें के लिए फिर शुक्रवार की रात को सुप्रीमकोर्ट पहुंचे,कांग्रेस और जेडीएस ने इस बार राज्यपाल के प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के फैसले को चुनौती दी है। दोनों ही दलों ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने शुक्रवार देर शाम को इसे लेकर अपनी याचिका दाखिल की है। इस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने आज सुबह 10:30 मिनिट का समय निर्धारित किया है।

दोनों ही दलों ने इस समय प्रोटेम स्पीकर के पद पर केजी बोपैया की नियुक्ति को जिस आधार पर चुनौती दी गई है ,वह सदन में जूनियर है और सदन में उनसे ज्यादा वरिष्ठ सदस्य है। ऐसे में जूनियर को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाना सही नही है।

इसके पूर्व बोपैय्या पर पूर्व में फ्लोर टेस्ट के दौरान ही गड़बड़ी करने के आरोप भी है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा उनके काम-काज को ठीक नही करने पर ऊँगली उठाई थी। ऐसी स्थिति में फिर से प्रोटेम स्पीकर बनाया जाना सही नही होगा। शक्ति परीक्षण से पहले राज्यपाल वजुभाई वाला ने के.जी बोपैया को विधानसभा का अस्थाई अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किया है। इस फैसले को कांग्रेस और जनता दल(एस) गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होनी है।

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