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21 साल पहले गुजरात में तूफ़ान ने मचाई थी तबाही, चारो ओर फैले थे शव

Posted on: 14 Jun 2019 15:35 by Surbhi Bhawsar
21 साल पहले गुजरात में तूफ़ान ने मचाई थी तबाही, चारो ओर फैले थे शव

गुजरात: अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफ़ान वायु ने गुजरात पहुंचने से पहले ही अपना रास्ता बदल लिया। वायु के रास्ता बदलने से गुजरात में केवल तूफ़ान का असर देखने को मिला। वायु भले ही गुजरात के तट को छूकर निकल गया हो लेकिन 21 साल पहले ऐसे ही एक भयानक तूफ़ान ने गुजरात में तबाही मचाई थी।

अचानक बदल गया था मौसम

9 जून 1998 सिर्फ 6 घंटे में इस तूफ़ान ने कस्बे कांडला को बर्बाद कर दिया था। गुजरात के तट पर बसे कांडला कसबे में 9 जून 1988 को सामान्य दिन था लेकिन अचानाक आसमान काला हो गया, तेज हवाएं चलने लगी, समुद्र से ऊंची-ऊंची लहरे उठने लगी। तेजी से बढ़ते जलस्तर ने लोगों के घरों, खेतों और नमक के मैदानों को अपनी जद में लेना शुरू कर दिया। सिर्फ 6 घंटे के अंदर पूरा का पूरा कांडला कस्बा तूफान की चपेट में आ गया था।

लोगों ने बताया मंजर

नमक के मैदानों में काम करने वाले जयंती भाई ने बताया कि तूफान आते ही मैं, मेरा परिवार और 28 लोग मेरे दो मंजिला मकान की छत पर चले गए। उस समय समुद्र में उठ रही 25 फीट की लहरें कस्बे में तेजी से आ रही थीं।

जयंतीभाई ने बताया कि वैसी ही 25 फीट ऊंची लहर उनके घर से टकराई और पूरा घर गिर गया। जयंतीभाई तो एक खंभा पकड़कर बच गए लेकिन उनकी पत्नी, दो बेटियां और बाकी लोग बह गए। उन्होंने बताया था कि पूरे कांडला में सिर्फ मौत और बर्बादी का नजारा था। पूरे कस्बे में शव फैले हुए थे।

कुछ अन्य लोगों ने बताया कि बचे हुए लोग अपने परिजनों को खोज रहे थे। कसबे में बिखरे हुए शवों को ट्र्कों में भरकर अस्पताल भेजा जा रहा था। अस्पताल की बालकनी, लॉबी और वेटिंग हॉल अस्थाई मुर्दाघर बन गए थे। इतना ही नहीं कांडला बंदरगाह 15 जहाज डूब गए थे। कितने घर, झुग्गियां, गाड़ियां बह गईं, इसका सही आंकड़ा आज तक नहीं मिला है।

जारी की गई थी चेतावनी

इस भयंकर तूफ़ान से पहले चेतावनी भी जारी की गई थी लेकिन सरकार सोती रही। लोगों को ये पता ही नहीं था कि उनकी तरफ कितनी बड़ी मुसीबत आ रही थी। इससे पहले की लोग कुछ समझ पाते समुद्र ने उन्हें निगलना शुरू कर दिया।

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