कमलनाथ की जनता से अपील, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करें सम्मान, रखें शांति

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मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज पुलिस मुख्यालय पहुँचकर उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। नाथ ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर सक्रिय और सजग रहकर काम करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या के मामले में सर्वसम्मति से दिए गए फैसले का सम्मान करें और प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। बैठक में सामान्य प्रशासन मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी डॉ. गोविंद सिंह एवं जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कमल नाथ आज अपने पूर्व निर्धारित मंडला दौरे को स्थगित करके दिल्ली से भोपाल लौटकर नाथ मंत्रालय पहुँचे। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य स्थिति कक्ष गए। नाथ ने प्रदेश से कानून व्यवस्था की स्थिति के संबंध में आ रही सूचनाओं को देखा।

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थिति कक्ष में पुलिस और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में प्रदेश में अमन-चैन कायम रहे। उन्होंने नागरिकों से निरंतर संबंध की स्थिति रखें और किसी भी तरह के अफवाहों से उन्हें सावधान करें।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील कि वे प्रदेश के पारंपारिक भाईचारे-अमन चैन, शांति-सद्भाव और सौहार्द बनाएं रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के साथ सरकार खड़ी हुई है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से सभी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश हम सभी का है। हमारी गंगा-जमुनी तहजीब सुरक्षित रहे। विकास प्रभावित न हो, आम जन-जीवन सामान्य रहे यह हम सबकी जिम्मेदारी है। नाथ ने कहा कि हम भाई-चारे और मोहब्बत के पैगाम से वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों को परास्त करें।

बैठक में मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक बी.के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता एम. डब्ल्यू. नकवी एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सर्वोच्च न्यायालय के अयोध्या मामले में दिए गए फैसले का हम सभी लोग मिल-जुलकर सम्मान के साथ आदर करते हैं। प्रदेश की जनता इस फैसले के बाद किसी भी विरोध , जश्न का हिस्सा न बने, यह अनुरोध मैं करता हूँ पहले भी मैं प्रदेश की जनता से यह अपील कर चुका हूँ। आपसी भाईचारा ,संयम ,अमन-चैन, शांति-सद्भाव सभी लोग बनाए रखें। यह प्रदेश हमारा है, कुछ भी हो हमारा प्रेम ,मोहब्बत, हमारा भाईचारा, हमारा आपसी सौहार्द न बिगड़े यह हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार के साथ नागरिकों की भी यह जिम्मेदारी है।

मुझे पूरा विश्वास है हमारा प्रदेश पूरे देश में सुख-शांति और सद्भाव का एक फिर से उदाहरण बनेगा। मेरी आज सुबह गृह मंत्री श्री अमित शाह से फोन पर चर्चा हुई। उन्होंने मुझसे कहा कि राज्य सरकार को किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो केन्द्र सरकार सहयोग देने के लिए तैयार है। मैंने उनसे कहा कि राज्य सरकार के पुलिस और प्रशासन ने पूर्व से ही प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने की पूरी तैयारी की है। पूरेप्रदेश में शांति है। सरकार प्रदेश में शांति व्यव्यस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।
पुलिस प्रशासन हर वर्ग और समाज के साथ चर्चा करके प्रबंध करेगी।

प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सारे प्रबंध किए हैं। आज मुझे मंडला और जबलपुर जाना था , कल मुझे इन्दौर जाना है मैंने अपने सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया हैं। अयोध्या में राम मंदिर का मामला सालों से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। यह कोई नया मामला नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाकर अपना दायित्वों का निर्वहन किया है। सर्व सम्मति का यह फैसला है , इसमें सभी जज ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है। सभी दलों ने पूर्व में ही कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह स्वीकार्य होगा।मैं पूर्व से ही यह मानता हूँ कि धर्म को राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए। अगर धर्म को राजनैतिक मंच पर लाया जाता है तो यह गलत है।

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