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कैलाश विजवर्गीय व उनके बेटे पर कार्रवाई का साहस भाजपा में नहीं -नरेंद्र सलूजा

Posted on: 02 Jul 2019 18:59 by Mohit Devkar
कैलाश विजवर्गीय व उनके बेटे पर कार्रवाई का साहस भाजपा में नहीं -नरेंद्र सलूजा

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि आज भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गयी टिप्पणी कि “दुर्व्यवहार किसी का भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।कितना भी बड़ा हो,इस तरह की हरकत करे तो उसे तत्काल बाहर कर देना चाहिये “ के बाद मध्यप्रदेश के भाजपा नेतृत्व को इंदौर नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों से दुर्व्यवहार ,मारपीट और बदसलूकी पर विधायक आकाश विजयवर्गीय को तुरंत पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।वहीं मोदी जी की इस टिप्पणी के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी टीवी एंकर की औकात व हैसियत पूछने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को भी अविलंब पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए लेकिन लगता है कि यह कार्यवाही संभव नहीं ?

मोदी जी का यह टिप्पणी भी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर मोदी जी की उस समय की गयी टिप्पणी कि “मैं साध्वी प्रज्ञा को मन से कभी माफ़ नही कर सकता “ की तरह ही हवा हवाई लग रही है।जिस तरह साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर मोदी जी द्वारा की गई टिप्पणी हवा-हवाई साबित हुई वैसे ही आज की उनकी यह टिप्पणी भी हवा-हवाई साबित होगी।

सलूजा ने बताया कि वैसे भी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय व उनके पुत्र पर कार्रवाई का साहस भाजपा में है ही नहीं। उन्हें नसीहत देने वाले भाजपा नेताओं का उन्होंने पूर्व में क्या हाल किया है ,यह भी किसी से छिपा नहीं है।चाहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान हो या प्रभात झा हो या पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हो , जब-जब कैलाश विजयवर्गीय को किसी ने पार्टी लाइन से बांधने का काम किया है तो उन्हें उल्टे मुंह की खानी पड़ी है। इसके कई उदाहरण मौजूद है।भाजपा के उस समय के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने जब कैलाश विजयवर्गीय को लेकर बयान दिया था कि उनका मन अब एमपी में कम लगता है और अब उनका फैसला दिल्ली करेगी।तब भी विजयवर्गीय ने खुलेआम उन्हें चुनौती देते हुए कहा था कि वह खुद को सीएम ना समझे उनका काम संगठन देखना है ,उसे ही देखें।

इंदौर की आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन भी उनके गुट द्वारा खुलेआम पार्टी लाइन के विपरीत किये गये असहयोग को भुगत चुकी है और आज तक उनका बाल बांका भी नहीं कर पाई है।ऐसे कई मौके पूर्व में भी आ चुके हैं जब कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी लाइन को खुलेआम ठेंगा दिखाया है लेकिन किसी की भी उनके खिलाफ बोलने की आज तक हिम्मत नहीं हो पाई है।इंदौर के पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे से लेकर वर्तमान महापौर मालिनी गौड़ व कई भाजपा नेता उनके पार्टी लाइन के विपरीत आचरण का शिकार हो चुके हैं.

लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद उन पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसलिये उम्मीद नहीं है कि मोदी जी की इस टिप्पणी के बाद भी उन पर कोई कार्यवाही होगी। मोदी जी की यह टिप्पणी भी एक टिप्पणी बन कर रह जायेगी क्योंकि कैलाश विजयवर्गीय पार्टी लाइन से ख़ुद को सदैव बड़ा मानते है , इसके कई उदाहरण मौजूद है।
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सादर प्रकाशनार्थ –
नरेन्द्र सलूजा
मीडिया समन्वयक

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