कैलाश विजयवर्गीय ने ‘बैटकांड‘ पर बेटे को कच्चा खिलाड़ी तो अफसर को बताया अहंकारी

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इंदौर। भाजपा विधायक व बेटे आकाश विजयवर्गीय के बल्लाकांड के छह दिन बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे को कच्चा खिलाड़ी बताया है। उन्होंने कहा है कि ये घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष आकाश और नगर निगम अधिकारी कच्चे खिलाड़ी हैं। ये मामला इतना बढ़ा नहीं था, मीडिया ने इसे बढ़ा बना दिया।

विजयवर्गीय का कहना है कि मुझे नहीं लगता कि अधिकारी को अहंकारी होना चाहिए। उन्हें जनता और प्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए। मैंने इस चीज की कमी देखी है। दोनों को समझना चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। मैं पार्षद, मेयर और विभागीय मंत्री रह चुका हूं।

उन्होंने कहा कि हम बारिश के दौरान किसी भी आवासीय भवन को ध्वस्त नहीं करते हैं। मुझे नहीं पता कि सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी किया गया है। अगर किया गया है, तो यह उनकी ओर से सबसे बड़ी गलती है।

विधायक आकाश विजयवर्गीय बोले, जेल में बीता अच्छा वक्त

विधायक आकाश विजयवर्गीय रविवार सुबह जेल से रिहा हुए। हालांकि शनिवार को ही उनको जमानत मिल गई थी, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण रिहाई नहीं हो पाई थी। रविवार सुबह को सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आकाश विजयवर्गीय बाहर आए। जेल से निकलते ही विधायक आकाश ने कहा कि जेल में उनका समय अच्छा बीता। आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने क्षेत्र और जनता की बेहतरी के लिए काम करते रहेंगे।

इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि केस डायरी में जर्जर मकान खतरनाक होने के दस्तावेज नहीं मिले हैं। जांच भी पूरी हो चुकी है। विधायक को पहले मामले में 50 हजार और दूसरे मामले में 20 हजार रुपए की जमानत व बंधपत्र दिए जाने पर छोड़ने के आदेश हुए हैं। विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने विधायक विजयवर्गीय के दोनों जेल रिलीज ऑर्डर भी एमजी रोड पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए। गौरतलब है कि आकाश विजयवर्गीय को भोपाल की विशेष अदालत से जमानत मिली थी। 26 जून को इंदौर नगर निगम के अधिकारी को बल्ले से पीटने के आरोपी आकाश विजयवर्गीय पर उसी दिन मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इस मामले में जब आकाश की जमानत याचिका इंदौर कोर्ट पहुंची, तो उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

तब इंदौर कोर्ट ने कहा कि यह मामला विधायक से जुड़ा है, इसलिए इसकी सुनवाई करना उसके क्षेत्राधिकार में नहीं है। अदालत ने कहा कि इस केस की सुनवाई विधायकों और सांसदों के लिए बने भोपाल के विशेष कोर्ट में होनी चाहिए। इसके बाद आकाश विजयवर्गीय के वकील अपनी अर्जी लेकर भोपाल पहुंचे। भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को इंदौर केस से जुड़े दस्तावेज मंगवाने का आदेश देकर शनिवार को केस की सुनवाई का वक्त मुकर्रर किया। शनिवार को भोपाल में जज सुरेश सिंह ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आकाश विजयवर्गीय को 20-20 हजार रुपए के बांड पर बेल दी। जेल से बहार आने के बाद उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जब आकाश घर पहुंचे तो फूल-माला से उनका स्वागत हुआ, आरती उतारी गई और मिठाई खिलाई गई। इतना ही नहीं पूरे रास्ते बैंड-बाजे भी बजते रहे।

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