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माता-पिता की सेवा को भगवान की सेवा मानते हैं कैलाश मूंगड़

Posted on: 12 Sep 2018 17:54 by Praveen Rathore
माता-पिता की सेवा को भगवान की सेवा मानते हैं कैलाश मूंगड़

इंदौर। क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के मंत्री कैलाश मूंगड़ मिलनसार, मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी और धर्मालु प्रवृत्ति के हैं। कैलाश जी ने अपने पिताजी श्री लखनलालजी मूंगड़ से विरासत में मिली पेढ़ी (दुकान) को न सिर्फ कायम रखा बल्कि उसका विस्तार भी किया। ब्रोकरशिप फर्म के बाद आपने सूटिंग-शर्टिंग और बाद में साड़ी व सलवार सूट का कारोबार शुरू किया। आज इस पुश्तैनी शॉप पर तीसरी पीढ़ी के युवा कैलाशजी के सुपुत्र संघर्ष मूंगड़ भी कंधे से कंधा मिलाकर कारोबारी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। कैलाश मूंगडज़ी से घमासान डॉटकॉम ने बात की। प्रस्तुत हैं मुख्य अंश…
सवाल : आपके करियर की शुरुआत कब से हुई?
जवाब : मेरे पिताजी का पुश्तैनी कारोबार लखनलाल कैलाशचंद्र के नाम से 1961 से ब्रोकरशिप का था। मैंने 1984 में इंदौर कपड़ा मार्केट में सूटिंग-शर्टिंग का कारोबार शुरू किया। यह शॉप एमएम ब्रदर्स के नाम से शुरू की थी। बाद में एक और फर्म सारंगा साड़ी के नाम से फर्म शुरू की, जिसमें साडिय़ां और सलवार सूट बेचे जाते हैं।
सवाल : क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन में कब से जुड़े हैं?
जवाब : १९९२ में क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएसन का कार्यकारिणी का चुनाव जीता था। तब से अभी तक एसोसिएशन में कार्य कर रहा हूं। पिछले दिनों हुए चुनाव में क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएशन का मंत्री का चुनाव जीता।
सवाल : और किन संस्थाओं से जुड़े हैं?
जवाब : माहेश्वरी युवा संगठन का प्रदेश अध्यक्ष रहा। वर्तमान में माहेश्वरी महासभा में इंदौर का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। क्लाथ मार्केट कन्या विद्यालय में 17 साल सेक्रेटरी रहा। पहले इस स्कूल में 700 स्टेंथ थी, लेकिन आज 25 सौ की स्टेंथ है।
सवाल : आपके जीवन की ऐसी कोई घटना जो आप भूल नहीं पाए?
जवाब : 2008 में मेरे पिताजी श्री लखनलालजी मूंगड़ का स्वर्गवास हो गया इस दु:ख से उबरे भी नहीं थे कि पांच साल बाद 2013 में मेरी माताजी श्रीमती सीतादेवी का स्वर्गवास हुआ। मेरा मानना है कि जीवन में माता-पिता की सेवा भगवान की सेवा के बराबर है। माता-पिता का साया सिर से उठने के बाद मैं काफी आहत हुआ।
सवाल : आपके परिवार में और कौन-कौन है?
जवाब : मेरे परिवार में धर्मपत्नी संगीता मूंगड़, चार बहनें मनोरमा लालवत, जानकी मानधन्या, अनुसुइया मानधन्या एवं विमला मंत्री हैं और मैं सबसे छोटा हूं। मेरा पुत्र संघर्ष मूंगड़ मेरे साथ ही कारोबार कर रहा है। एक बेटी सारंगा है, जिसकी शादी इंदौर में ही हुई है।
सवाल : आपकी शिक्षा कहां से हुई और आपकी हॉबी क्या है?
जवाब : मेरी स्कूली शिक्षा वैष्णव स्कूल से और ग्रेजुएशन गुजराती कॉलेज इंदौर से हुआ। सामाजिक कार्य और धार्मिक आयोजनों में मेरी खास दिलचस्पी है। व्यंकटेश मंदिर छत्रीबाग से निकलने वाली रथयात्रा की व्यवस्था में भी मेरी भूमिका होती है।

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