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मानवाधिकार कानूनों की बेहतरीन समझ रखते है पीसी घोष | Justice PC Ghose become to be India’s first Lokpal

Posted on: 17 Mar 2019 17:28 by Rakesh Saini
मानवाधिकार कानूनों की बेहतरीन समझ रखते है पीसी घोष | Justice PC Ghose become to be India’s first Lokpal

जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष (पीसी घोष) को ​रविवार को भारत का पहला लोकपाल चुना गया है। देश में यह पहली बार है जब लोकपाल चुना गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रख्यात कानूनविद मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने उनका नाम तय किया और उसकी सिफारिश की।

दरअसल जस्टिस घोष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं। वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रहे हैं। वह अपने फैसलों में मानवाधिकारों की रक्षा की बात बार-बार करते थे। जस्टिस घोष को मानवाधिकार कानूनों पर उनकी बेहतरीन समझ और विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। वह NHRC के सदस्य भी हैं।

जस्टिस पीसी घोष का जन्म

बता दें कि पीसी घोष का का जम्म 1952 में हुआ था। पीसी घोष जस्टिस शंभू चंद्र घोष के पुत्र हैं। वह कलकत्ता शहर के उत्तरी प्रांतों के एक प्रसिद्ध परिवार, जोरासांको के दीवान बरनासी घोष के परिवार में पांचवीं पीढ़ी के वकील हैं।

पीसी घोष को 1997 में कोलकाता हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें दिसंबर 2012 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। 8 मार्च 2013 में वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश प्रोन्नत हुए और 27 मई 2017 को वह सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश पद से रिटायर्ड हो गए।
जस्टिस घोष ने अपने सुप्रीम कोर्ट के कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसल सुनाए।

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