अब विधायिका का हिस्सा बनना चाहते हैं जस्टिस कर्णन | Justice C. S. Karnan wants to be a part of the Legislature now

0
33
Justice JS Karnan

रिटायर्ड जस्टिस सीएस कर्णन के बारे में देश का हर संजिदा आदमी जानता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मद्रास हाई कोर्ट से कोलकाता हाई कोर्ट तबादला किया गया तो उन्होंने खुद की कोर्ट में याचिका लगाई और स्थगन दे दिया। बमुश्किल कोलकाता गए तो वहां सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिपतियों को समन कर लिया। फिर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही खुद की जाति के कारण प्रताड़ित किए जाने का मुद्दा भी उठाया।

Read More : वाराणसी में आर-पार, मोदी को चुनौती दे सकती है प्रियंका गांधी

अंततः सुप्रीम कोर्ट(SC) ने खुद ही अपनी अवमानना का दोषी पाया और छह महीने की सजा सुना दी। किसी तरह बतौर न्यायाधीश कार्यकाल पूरा किया और सेवानिवृत्त होते ही फरार हो गए। बमुश्किल पकड़े गए तो जेल के हवाले किए गए। छह महीने की सजा काटी। अब वही जस्टिस कर्णन विधायिका का हिस्सा बनना चाहते हैं। उन्होंने 2018 में एंटी-करप्शन डाइनैमिक पार्टी (एसीडीपी) का गठन किया था। उसके उम्मीदवार के रूप में उन्होंने चेन्नई(chennai) मध्य लोकसभा क्षेत्र से अपना पर्चा दाखिल किया। अब वे वाराणसी से पर्चा दाखिल करने की तैयारी में जुटे हैं।

Read More :लोकसभा चुनाव: मोदी के खिलाफ किस्मत आजमाएंगे यह रिटायर्ड जज

चेन्नई में उनका मुकाबला पूर्व केंद्रीय मंत्री और द्रविड़ मुनैत्र कषगम के प्रत्याशी दयानिधि मारन से होना है। मारन यहां से 2004 और 2009 में सांसद रह चुके हैं। बीते चुनाव में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनैत्र कषगम के एस.आर. विजयाकुमार से 45 हजार से ज्यादा मतों से चुनाव हार गए थे। इस चुनाव में दयानिधि मारन का मुकाबला तमिल हितों के कट्टर समर्थक रामदौस की पार्टी पीएमके के उम्मीदवार सेम पॉल के साथ होना है। ऐसे में जस्टिस कर्णन की मौजूदगी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाएगी या नहीं कहना मुश्किल है।

Read More :जस्टिस सीकरी ने ठुकराया, मोदी सरकार का प्रस्ताव

वैसे चेन्नई में यही वो इलाका है जिसमें सबसे ज्यादा हिंदी भाषी रहते हैं। मारवाड़ियों का गढ़ कहा जाने वाला सौकार पेट (साहूकार पेट) भी इसी लोकसभा क्षेत्र में आता है। साथ में मद्रास हाई कोर्ट भी। ये मत भाजपा(BJP) के साथ मिलकर लड़ रही एआईएडीएमके(AIADMK) के प्रत्याशी को मिले तो निर्णायक मत भी साबित हो सकते हैं। जो भी हो मतदाताओं का फैसला तो 18 अप्रैल को ईवीएम(EVM) में सील हो ही जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here