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राहुल गांधी की डिग्री के बारे में अपनी जानकारियां सुधार लें जेटली: नीखरा | Nikhara: Improve your Knowledge about ‘Rahul Gandhi’s Degree’ Jaitley

Posted on: 15 Apr 2019 12:04 by Surbhi Bhawsar
राहुल गांधी की डिग्री के बारे में अपनी जानकारियां सुधार लें जेटली: नीखरा | Nikhara: Improve your Knowledge about ‘Rahul Gandhi’s Degree’ Jaitley

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा ने अपने एक बयान में कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा बिना एम.ए. किये एम. फिल. करने के बारे में सवाल उठाकर अपनी अज्ञानता का ही परिचय दिया है। उनकी जानकारी के लिये बता दूं कि स्वायत्तता के चलते विश्वविद्यालयों के अपने अलग नियम हुआ करते हैं। भारत में एम.ए. करने के बाद एम. फिल. करने का नियम है, परंतु कैम्ब्रिज और आक्सफोर्ड वि.वि. द्वारा बी.ए. के बाद एम. फिल. की डिग्री देने का नियम है। वहां एम.ए. की डिग्री शुल्क देने पर अवार्ड कर दी जाती है, जबकि एम. फिल. की डिग्री परीक्षा पास करने के बाद ही मिलती है। राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज वि.वि. से एम. फिल. की डिग्री हासिल की है।

नीखरा ने कहा है कि अरुण जेटली विद्वान, विनम्र और अपनी विधा में अगली पंक्ति के वकील हैं, परंतु स्मृति ईरानी के द्वारा तीन-तीन बार अपनी डिग्री के लिये गलत हलफनामा देने का मामला उजागर होने पर वे उन्हें बचाने के लिये राहुल गांधी की डिग्री के बारे में एक मनगढ़ंत आरोप लेकर आने के लिये विवश हुए हैं। जेटली की यह विवशता मोदी-शाह जोड़ी के द्वारा झूठ और गलतबयानी को नैतिक बना देने की नयी कुपरंपरा के चलते पैदा हुई है। भाजपा में इन दिनों इस जोड़ी का एक विशेष समूह प्रभावी हो गया है और उसने संघ तथा भाजपा की पुरानी परंपराओं को भी ध्वस्त कर देने में कोई कोताही नहीं बरती है। इस समूह में अरुण जेटली, स्मृति ईरानी, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण, संबित पात्रा आदि शामिल हैं। इनमें से प्रायः सभी राज्यसभा के सदस्य हैं, क्योंकि इनका कोई जनाधार नहीं है।

नीखरा ने जेटली को सलाह दी है कि यह बहुत उचित होगा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री के लापता रिकार्ड और स्मृति ईरानी की सही डिग्री के बारे में पता लगाकर देश को जानकारी दें। चूंकि जेटली देश के जाने-माने कानूनविद् हैं, इसलिये उन्हें यह भी बताना चाहिये कि स्मृति ईरानी के द्वारा लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव अपनी शिक्षा के बारे में गलत हलफनामा देकर लड़े गये और बाद में वे सांसद और मानव संसाधन मंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर भी रहीं, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है अथवा नहीं?

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