Breaking News

इसरो ने पहली बार जारी की चंद्रयान-2 की तस्वीर, 15 जुलाई को लॉन्च होगा यान

Posted on: 08 Jul 2019 18:30 by bharat prajapat
इसरो ने पहली बार जारी की चंद्रयान-2 की तस्वीर, 15 जुलाई को लॉन्च होगा यान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) 15 जुलाई को चंद्रयान-2 लांच करने जा रहा है। इससे पहले इसरो द्वारा अपनी वेसाइट पर चन्द्रयान की तस्वीरें जारी की गई है। बता दे कि इस मिशन में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा।

इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के सिवान ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएसटी) के सातवें दीक्षांत समारोह में बताया कि ‘चंद्रयान-2 के जरिए इसरो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जा रहा है जहां आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। अगर हम उस जोखिम को लेते हैं तो वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को लाभ होगा। जोखिम और लाभ जुड़े हुए हैं।

बता दे कि चंद्रयान-2 को 15 जुलाई को सुबह 2ः51 बजे लाॅन्च किया जाएगा। करीब 30 किलोमीटर की ऊंचाई से चन्द्रयान 2 चन्द्रमा की सतह पर आएगा जिसे लैंड करने में करीब 15 मिनट का समय लगेगा। ये 15 मिनअ ही इसरो के लिए चुनौती से भरे होंगे क्योंकि इसरो द्वारा किया जा रहा ऐसा पहला मिशन है।

चंद्रयान 2 लाॅन्चिंग के अगले 16 दिनों में पृथ्वी के चारों ओर 5 बार आॅर्बिट बदलेगा। जिसके बाद चंद्रयान 2 6 दिसंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इसके बाद रोवर को लैंडर से बाहर निकलने में 4 घंटे का समय लगेगा और रोवर 15 से 20 दिनों तक 1 सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की सतह से डाटा जमा करके लैंडर के माध्यम से ऑर्बिटर तक पहुंचाएगा और ऑर्बिटर उस डेटा को इसरो तक भेजेगा।

चन्द्रयान 2 जिस सतह पर उतरेगा वहां वहां पर वह भूकंम की जांच करेगा। साथ ही इसका भी पता लगाएगा कि वहांपर थर्मल और लूनर डेनसिटी कितनी है। रोवर के जरिए चांद की सतह की रासायनिक जांच भी की जाएगी।

वहीं, चन्द्रयान 2 में सबसे खास बात यह है कि इसमें पोलेडी विदेशी न होकर सभी हिस्से पूरी तरह से स्वदेशी है। जबकि चन्द्रयान 1 में ऑर्बिटर में 3 यूरोप और 2 अमेरिका के पेलोड्स थे।
इधर इसरो को चन्द्रयान 2 के चन्द्रमा की सतह पर 6 सितम्बर को उतरने की उम्मीद है जो कि दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड होगा। चंद्रयान 2 के तीन हिस्से हैं जिनका नाम ॉर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 1 हजार करोड़ रुपये आई है। अगर भारत इस मिशन में सफलता हासि करता है तो वह अमेरिका, रूस और चीन के बाद चन्द्रमा पर रोवर उतारने वाला चैथा देश बन जाएगा।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com