InternationalWomensDay: है नमन इन वीरांगनाओं को

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पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति को सलाम किया जा रहा है। देश की रक्षा के लिए दिन-रात सरहदों पर तैनात उन वीर जवानों का जीवन कितना है यह कोई नहीं जानता। मातृभूमि के लिए ये वीर अपनी जान गंवाने से भी पीछे नहीं हटते। इन जवानों का जीवन बिना परिवार के बिना कैसा होता है हम नहीं सोच सकते लेकिन उसके अपनों का जीवन उनके बिना कैसा होता है ये कल्पना करना भी बहुत मुश्किल है।

इन जवानों के परिवार में खासकर उन परिवारों की बात करते है जो जवान शहीद हो जाते है। शहीद की पत्नी पर ना केवल परिवार की जिम्मेदारी आ जाती है बल्कि अपने बच्चों के पालन-पोषण, उन्हें अपनी पिता के शौर्य की कहानी सुनाने की भी जिम्मेदारी होती है। इनकी आंखों में आंसू नहीं फख्र दिखाई देता है और सिर गर्व से उंचा हो जाता है। आज मौका है इन वीरांगनाओं को नमन करने का तो आइए हमारे साथ जानिए इन कुछ वीरांगनाओं की कहानी।

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निकिता कौल

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निकिता कौल वीर मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी है जो पुलवामा हमले के बाद आतंकियों से हुए एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। देहरादून केरहने वाले मेजर विभूति की शादी 10 महीने पहले ही हुई थी। उनकी शाहदत पर उनकी पत्नी निकिता ने उन्हें जिस तरह से विदाई दी उसे देखकर हर किसी की आंखें नाम हो गई।

निकिता कौल बहुत देर तक पति विभूति के पार्थिव शरीर के सामने खड़े होकर मेजर को निहारती रहीं। फिर आखिरी बार उन्होंने ‘I love you’ कहकर अपने पति को अंतिम विदाई दी. अंतिम विदाई दी।

निकिता ने कहा- ‘मुझे आप पर गर्व है। हम सब आपको प्यार करते हैं लेकिनआपका सबको प्यार करने का ढ़ंग बिलकुल अलग है, क्योंकि आपने उन लोगों के लिए बलिदान देने का निर्णय लिया जिनसे आप कभी मिले भी नहीं होंगे। आप बहुत बहादुर व्यक्ति हो। आपकी पत्नी होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं आपको अपनी आखिरी सांस तक प्यार करूंगी। मैं अपना जीवन आप पर अर्पित करती हूं।’

गौरी महादिक

gauri mahadik

गौरी महादिक के पति मेजर प्रसाद महादिक दिसंबर 2017 में अरुणाचल सीमा के चीन बॉर्डर पर शहीद हो गए थे। गौरी महादिक अपने पति की शाहदत के बाद टूटी नहीं बल्कि अपने दर्द को ही उन्होंने अपना हौसला बना लिया। प्रसाद महादिक की शाहदत के बाद गौरी ने योग्य कंपनी सेक्रेटरी की नौकरी छोड़ दी और सशस्त्र बलों की तैयारी शुरू की। वह चेन्नई में ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में प्रशिक्षण के बाद बतौर लेफ्टिनेंट के रूप में अगले साल सेना में शामिल हो जाएंगी। गौरी अपने पति को श्रद्धांजलि देने के बाद से ही आर्मी ज्वाइन करना चाहती हैं। साथ ही अपने पति की वर्दी और उनके स्टार पहनना चाहती हैं।

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प्रियंका

Priyanka

5 महीने की गर्भवती प्रियंका के पति अजय कुमार पुलवामा एनकाउंटर में शहीद हो गए हैं। पति की शाहदत के बाद प्रियंका टूट सी गई थीं। उन्हें उम्मीद थी कि बच्चे के जन्म तक उनके पति वापस आ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पति की शाहदत के बाद प्रियंका ने मजबूती देखाते हुए कहा कि अब अजय के सपने को वह पूरा करेंगी। वह अपने बेटे को बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाकर उसे भी सेना में भर्ती ककराएंगी। वाकई बहुत हिम्मत की बात है सेना मेंअपने पति को खो देने के बाद अपने बेटे को भी सेना में भेजने का सपना देखना।

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गट्टू देवी

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1962 में हुए भारत-चीन के युद्ध में जोधपुर के भीकाराम ताडा शहीद हो लेकिन उनकी पत्नी आज भी सुहागन है। उनकी पत्नी गट्टू देवी अपने पति को शहीद नहीं मानती। आपको पढ़कर हैरानी जरूर हुई होगी लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योकि भीकाराम की पार्थिव देह घर तक नहीं पहुंची थी। यही कारण है कि गट्टू देवी ने कभी अपने पति को शहीद माना। उन्होंने अपना सुहाग उतारने से मना कर दिया ये कहते हुए कि मेरे पति जिंदा हैं और एक दिन जरूर आएंगे। गडू देवी ने अपने दोनों बेटों को इस लायक बनाया कि वो पिता की ही तरह देश की सेवा कर सकें। आज उका एक बेटा आर्मी में और दूसरा नेवी में है। पोता भी सेना में देश सेवा कर रहा है।

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