शिव रुद्राभिषेक में उमड़ पड़ा जनसैलाब, अभिषेक समापन के बाद बरस पड़े इंद्रदेव

0
41

इंदौर। क्षेत्र क्र. 1 के लोकप्रिय कांग्रेसी विधायक संजय शुक्ला द्वारा भागीरथपुरा में आयोजित शिव रुद्राभिषेक के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान 30 हजार स्क्वेयर फीट के पांडाल में ओम नमः शिवाय की गूंज सुनाई दी। दोपहर रुद्राभिषेक को समापन हुआ और शाम को इंद्रदेव बरस पड़े।

विधायक शुक्ला द्वारा क्षेत्र क्र. 1 की धर्मप्रेमी जनता के लिए सावन मास में क्षेत्र के तीन स्थानों पर यह अनुष्ठान करवाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 20 जुलाई से भागीरथपुरा से हो चुकी है। यहां पुलिस चैकी के पास स्थित मैदान में श्रद्धालुओं के लिए 30 हजार स्क्वेयर फीट का वॉटरप्रूफ पांडाल बनाया गया है, जहां पर प्रातः 7.30 बजे से रुद्राभिषेक प्रारंभ होता है और दोपहर तक चलता है। विधि-विधान से पंडितों द्वारा यह अनुष्ठान करवाया जा रहा है।

रविवार को इस अनुष्ठान में क्षेत्र का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी ने श्रद्धा-भक्ति भाव से आराधना की। तत्पश्चात महाभोजन प्रसादी का आयोजन भी हुआ। 4 हजार से अधिक श्रद्धालु रुद्राभिषेक में जुटे और भोजन प्रसादी भी ग्रहण की। सभी भक्तों की अगवानी विधायक संजय शुक्ला, अंजली शुक्ला, सर्वेश तिवारी आदि ने की। इस दौरान शिव भक्ति का गान भी हुआ।

सोमवार को तीसरे दिन भी यहीं पर रुद्राभिषेक होगा। इसके बाद 24 जुलाई से एक अगस्त तक बाणगंगा स्थित बाणेश्वर कुंड व 2 अगस्त से 12 अगस्त तक यह अनुष्ठान एयरपोर्ट रोड स्थित दलालबाग में होगा। विधायक श्री शुक्ला ने बताया कि रुद्र भगवान शिव का एक प्रसिद्ध नाम है। रुद्राभिषेक में शिवलिंग को पवित्र स्नान कराकर पूजा और अर्चना की जाती है। यह हिंदू धर्म में पूजा के सबसे शक्तिशाली रूपों में से एक है और माना जाता है कि इससे भक्तों को समृद्धि और शांति के साथ आशीर्वाद मिलता और कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

शिव को अत्यंत उदार भगवान माना जाता है और यह आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। विधायक श्री शुक्ला ने बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति आध्यात्मिक प्रगति या समस्याओं और कठिनाइयों से राहत का भूमिगत लाभ चाहता है, तो रूद्राभिषेक किया जा सकता है। यह विश्वास किया जाता जाता है कि रुद्र अभिषेक, जन्मकुंडली में शनि से पीड़ित परेशानी का सामना कर रहे लोगों की रक्षा करता है। प्रक्रिया बहुत विस्तृत है और इसे सावधानीपूर्वक व्यवस्थित करने की जरूरत होती है। हालांकि, शास्त्रों का ज्ञान इतना महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि भगवान शिव आसानी से कमियों को माफ कर देते हैं और केवल व्यक्ति द्वारा की गई पूजा के पीछे उसके अच्छे इरादे और भक्ति को देखते हैं। रूद्राभिषेक परिवार में शांति, खुशी, धन और सफलता प्रदान करता है।

अनेक पूजन सामग्री से हो रहा है रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक अनुष्ठान करवा रहे पंडितों का कहना है कि इस अनुष्ठान में दीपक, तेल या घी, फूल, चंदन का पेस्ट, सिंदूर, धूप, कपूर, विशेष व्यंजन, खीर, फल, पान के पत्ते और मेवा, नारियल और अन्य, इसके अलावा अभिषेक के लिए इकऋा की गई सामग्री में पवित्र राख, ताजा दूध, दही, शहद, गुलाबजल, पंचामृत (शहद के साथ फल मिला हुआ), गन्ना का रस, निविदा नारियल का पानी, चंदन पानी, गंगाजल और अन्य सुगंधित पदार्थ आदि का उपयोग हो रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here