जीतू पटवारी के कारण इंदौर का फैसला अटका | Because of Jitu Patwari Indore’s Decision Stalled…

0
39
jitu patwari-

इंदौर, राजेश राठौर। पहली बार ऐसा हुआ है कि कांग्रेस इंदौर में अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। वैसे बीजेपी भी इस मामले में पिछड़ गई है। कांग्रेस का जहां तक सवाल है, तो मंत्री जीतू पटवारी खुद चुनाव लड़ना चाहते हैं। इस कारण इंदौर का फैसला नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साफ कह दिया था कि किसी भी विधायक व मंत्री को लोकसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा। उसके बाद लगातार जीतू पटवारी, कमलनाथ की अनदेखी करते हुए कह रहे हैं कि मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। पटवारी सिर्फ कह ही नहीं रहे बल्कि टिकट के लिए ताकत से लगे हुए हैं।

प्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया और गांधी परिवार के ख़ास अहमद पटेल के जरिए पटवारी हर हालत में इंदौर का टिकट लाना चाहते हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि राहुल गांधी भी पटवारी के नाम पर तैयार है, लेकिन कमलनाथ, राहुल गांधी को भी पहले ही कह चुके हैं कि किसी विधायक को चुनाव नहीं लड़ाया जाएगा। इसका कारण यह है कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार बाउंड्री पर बनी है। महज 6 विधायकों के अंतर होने के कारण कमलनाथ नहीं चाहते कि कोई विधायक या मंत्री चुनाव लड़े। इसी वजह कमलनाथ ने सभी मंत्रियों को कह दिया कि वे अलग-अलग लोकसभा चुनाव क्षेत्र में जाकर प्रचार करें। पार्टी किसी को भी टिकट दे, जिताने की जवाबदारी मंत्रियों की होगी। पटवारी पहले दिग्विजय सिंह के खास समर्थक कहे जाते थे, लेकिन अब वे सीधे राहुल गांधी के संपर्क में रहते हैं। यही कारण है कि आए दिन उनके बयानों के कारण भी वे चर्चा में रहते हैं।

कल महू में मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में मीडिया से बात करते समय जो घटनाक्रम हुआ उसको लेकर अब यह कहा जा रहा है कि पटवारी से कमलनाथ नाराज है। कमलनाथ के मना करने के बाद भी पटवारी हर हालत में चुनाव लड़ना चाहते हैं। उनके कारण ही अभी तक टिकट का फैसला नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि पटवारी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मंत्री पद भी छोड़ने को तैयार है। सूत्रों का दावा है कि पटवारी को टिकट मिल सकता है, क्योंकि राहुल गांधी तक उनकी पकड़ है। कमलनाथ और राहुल गांधी की चर्चा होने के बाद पटवारी के टिकट का फैसला हो जाएगा। एक-दो दिन में कभी भी इंदौर की टिकट की घोषणा हो सकती है।

कमलनाथ के कारण यदि पटवारी को टिकट नहीं मिला तो फिर पंकज संघवी का टिकट तय बताया जा रहा है। वैसे शिक्षा जगत से जुड़े डॉक्टर स्वप्निल कोठारी भी टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। देखना है कि कांग्रेस यहां पर किसको चुनाव लडाती है। वैसे बीजेपी ने भी कहा था कि वह किसी विधायक को टिकट नहीं देगी, लेकिन झाबुआ में ऐसी मजबूरी फंस गई कि वर्तमान विधायक गुमान सिंह डामोर को लोकसभा का टिकट देना पड़ा। पटवारी समर्थक कह रहे हैं कि जब भाजपा में विधायक को टिकट मिल सकता है। तो कांग्रेस में क्यों नहीं मिल सकता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here