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कामयाब मां के साथ, कामयाब चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं कैमिषा

Posted on: 12 May 2018 10:02 by shivani Rathore
कामयाब मां के साथ, कामयाब चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं कैमिषा

इंदौर, (हेमलता लोवंशी): पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही लाइफ में फर्क होता है, लेकिन जब बात मां के किरदार की आती है तो सारी चीजें एक तरफ हो जाती हैं और केवल मां, मां रहती है। यह कहना है इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ़ इंडिया दिल्ली की सेंट्रल रीजन की पहली काउंसिल मेंबर इंदौर सीए कैमिषा सोनी का। 44मदर्स डे पर घमासान डॉट कॉम ने शहर की ऐसी प्रतिष्ठित महिलाओं से बात की, जो घर परिवार ही नहीं, अपने प्रोफेशन में भी बड़ा ओहदा रखती हैं।45

इंदौर ब्रांच की सीनियर चेयर पर्सन रह चुकी सीए कैमिषा सोनी ने बताया कि हर महिला के लिए दो रिस्पॉन्सिबिलिटी रहती है, लेकिन मां का किरदार सबसे महत्वपूर्ण रहता है। बेटे ऋषि के जन्म के बाद मैंने सोच लिया था कि घर पर रहकर ही बेटे की परवरिश करूंगी, लेकिन कहते हैं ना, भाग्य मैं कुछ और ही लिखा होता है, यही मेरे साथ हुआ।1

खुद पढ़ाती हूं बेटे को
सीए के पास कई तरह के क्लाइंट्स आते हैं, इसलिए हमेशा हमें अपडेट रहना पड़ता है। घमासान डॉट कॉम से विशेष बातचीत कर घर परिवार और प्रोफेशन तक के बारें में बताया और कहा कि वह खुद अपने बेटे को पढ़ाती हैं। 2

घर पर ही रहने का सोच लिया था
बेटे ऋषि के जन्म के बाद मैंने सोच लिया था आप पूरा टाइम बेटे की परवरिश के लिए दूंगी इसलिए घर पर रहने का ही निर्णय ले लिया था। पर वक्त को कुछ और मंजूर था। प्रोफेशनली सेटल होने के बाद भी बेटे पर पूरा ध्यान दिया, कभी कोचिंग नहीं करवाई।3

बैकअप प्लान भी होना चाहिए
मैं चाहती हूं बेटा सीए बने।यह मेरी थॉट है, पर मुझे लगता है कि बच्चों की भी कॉल लेनी चाहिए क्योंकि उनकी भी अपनी चॉइस होती है। ऋषि डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाता है, फिल्म मेकिंग का बचपन से ही शौक रहा है। जिंदगी में बैकअप प्लान भी होना चाहिए, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि हम कुछ चीजों में सफल नहीं हो पाते, उसी में हमारा बेकअप प्लान हमें सपोर्ट करता है।

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