सयाजी के डायरेक्टर रउफ 12.30 लाख रूपए के साथ पकड़ाए | Indore: Sayaji Hotels owner ‘held’ with Rs 12.5 lakh cash stash

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लोकसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता का आगाज आयकर विभाग ने सयाजी होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर रउफ रज्जाक धनानी के 12.30 लाख रुपए सीज कर किया। इनकम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन विंग ने इस रकम को पकड़ने के लिए धनानी का इंदौर से भोपाल और मुंबई तक पीछा किया। कार्रवाई के दौरान धनानी स्वीकार कर चुके हैं कि यह रकम दो नंबर की है। विंग के ज्वाइंट डायरेक्टर सतपाल मीणा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई थी।

आयकर विभाग को संदेह है कि यह हवाला के जरिये सियासी चंदे के लेनदेन का मामला हो सकता है। इंदौर बिग को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि लाखों रुपए के साथ रउफ इंदौर से भोपाल और वहां से मुंबई जा रहे हैं। इस पर भोपाल एयरपोर्ट और इन्वेस्टिगेशन विंग को सूचित किया गया, तब तक रज्जाक मुंबई के लिए रवाना हो गए थे। इसकी सूचना तत्काल मुंबई विंग को दी गई।

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मुंबई एयरपोर्ट पर उतरते ही आयकर विभाग ने रज्जाक को अपने कब्जे में लिया और उसके पास से 12.30 लाख रुपए सीज किए। पूछताछ के दौरान वे पैसे का हिसाब नहीं दे पाया। उन्होंने कहा कि रकम होटल के अकाउंट में नहीं है। अब नियमानुसार होटल के 6 साल के आयकर रिटर्न की जांच की जाएगी। आयकर ने जिस रज्जाक धनानी से रकम बरामद की है, वह सयाजी होटल्स, अलीशा एग्रोफोस प्रालि, कैटवाॅक वल्र्डवाइड प्रालि, बार्केक्यू नेशनल हाॅस्पिटेलिटी, अहिल्या होटल्स, शिप्रा रेस्टोरेंट, फेवरेट रेस्टोरेंट, सयाजी होटल मैनेजमेंट, मालवा हाॅस्पिटेलिटी, प्रीनिटी हाॅस्पिटेलिटी, सुपर सीविलटेक, सबा रियालिटी, अराइज होटल्स और सजाजी हाउसकीपिंग सर्विस प्रालि के डायरेक्टर है।

14 नवंबर 2013 को साजिद धनानी की मौत के बाद डायरेक्टर बने, एक वेबसाइट के अनुसार धनानी ने 2013 से 2018 के बीच समूह के 22 फीसदी शेयर अपने नाम किए, जिनका मूल्य करीब 100 करोड़ रूपए हैं। समूह में उनकी सैलरी और भत्ते करीब सात लाख रूपए महीना है।

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सयाजी समूह के डायरेक्टर से मिले रुपए हवाला के हो सकते हैं। मुंबई से हवाला के लेनदेन का समूह का पुराना रिकॉर्ड भी है। 2011 में मुंबई में छापे के बाद समूह ने 35 करोड़ सरेंडर किए थे, उस वक्त समूह के सभी ठिकानों पर जांच हुई थी संभवत है उस तरह की कार्रवाई से बचने के लिए एक कबूल नामा आया है।

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