इंदौर: अक्षय तृतीय के पहले कीमती धातुओं सोना व चांदी के भाव मजबूती पर है, लेकिन गोल्ड इंपोर्ट बढ़ा नहीं है। बैंकर्स और बुलियन डीलर्स का कहना है कि गोल्ड मार्केट के सेंटीमेंट में कमजोरी के चलते इंपोर्ट सुस्त बना हुआ है। पिछली अक्षय तृतीया के मुकाबले इस बार 25 फीसदी कम इंपोर्ट के आसार बन रहे हैं। पिछले साल इस मौके पर आधिकारिक माध्यमों से 75 टन सोने का आयात हुआ था। इंपोर्ट में सुस्ती नजर आ रही है। अक्षय तृतीया के पहले इसे नॉर्मल ट्रेंड नहीं कहा जा सकता। इस मौके पर गोल्ड की जोरदार खरीदारी होती हैं। ऐसा लगता है कि ट्रेडर्स फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।gold इस साल अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है जबकि पिछले साल यह 28 अप्रैल को था। बाजार में सोना 31850 रुपए और चांदी 39450 रुपए के स्तर पर कामय है. देश भर में सोने की खरीदारी का रुझान पिछले दो दिनों के दौरान सुधरा है। यह रुझान पिछले एक महीने से कमजोर बना हुआ था। ग्राहक अक्षय तृतीया पर डिलिवरी के लिए पहले ही बुकिंग कर रहे हैं। दो दिनों के दौरान ग्राहकों की आमद में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की है। ग्राहक आगे कीमतों में बढ़ोतरी के डर से अभी आभूषण या सोने की बुकिंग कर रहे हैं। विश्लेेषकों ने सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के अनुमान जताए हैं। ग्राहकों के खरीदारी के रुझान में सही समय पर सुधार आया है। निश्चित मौकों पर खरीदारी करने वालेे ग्राहक कीमतों में गिरावट का फायदा उठा रहे हैं।

ग्राहकों ने अग्रिम बुकिंग शुरू कर दी है। पिछले एक महीने के दौरान सोने की खरीदारी का रुझान बहुत कमजोर रहा है क्योंकि इसमें शादियां या कोई त्योहार नहीं था। सराफों को इस साल अक्षय तृतीया पर कम बिक्री के आसार नजर आ रहे थे। लेकिन भारत और वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी और उसके बाद गिरावट से सराफों को बड़ी राहत मिली है। ग्राहकों को भी कीमतों में गिरावट के मौके का इंतजार था। अगर सोने की कीमतें वर्तमान स्तरों पर बनी रही तो हमारी अक्षय तृतीया और वैवाहिक सीजन में खूब बिक्री होगी। पिछले साल अक्षय तृतीया पर 40 टन सोने की बिक्री का अनुमान है।gold

सोने का आयात मार्च में 40 फीसदी घटा –
देश का स्वर्ण आयात मार्च में 40.31 फीसदी घटकर 2.49 अरब डॉलर रहा है, जिससे चालू खाते का घाटा नियंत्रित रहने की उम्मीद है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 की इस अवधि में इस कीमती धातु का कुल आयात 4.17 अरब डॉलर रहा था। उद्योग के विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की कम होती कीमतें आयात के मूल्य में गिरावट की वजह हो सकती है। सोने के आयात में जनवरी और फरवरी के दौरान भी ऋणात्मक वृद्धि रही थी। भारत विश्व में सोने का सबसे बड़ा आयातक है और इस आयात से आभूषण उद्योग की मांग पूरी होती है। हालांकि चांदी का आयात 31 फीसदी बढक़र 26.73 करोड़ डॉलर रहा है। इस समय सोने के आयात पर 10 फीसदी शुल्क लगता है। रत्न एवं आभूषण उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय आयात शुल्क कम करने की वित्त मंत्रालय से गुहार लगा चुके हैं। मात्रा के हिसाब से भारत ने 2016-17 में 500 टन सोने का आयात किया।

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