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विलुप्त वृक्षों की प्रजातियों को सहेज रहा वन विभाग

Posted on: 18 Jun 2018 13:17 by Surbhi Bhawsar
विलुप्त वृक्षों की प्रजातियों को सहेज रहा वन विभाग

इंदौर: वन विभाग द्वारा मध्य प्रदेश की लगभग 11 नर्सरियों में विलुप्त हो चुकी प्रजातियां का प्लांटेशन किया जा रहा है। खंडवा रोड स्थित नर्सरी में  विलुप्त हो चुकी प्रजातियों का प्लांटेशन किया जा रहा है। विलुप्त हो चुकी इन प्रजातियों के कई औषधीय प्रयोग भी हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे पौधे भी हैं जिनका वास्तु दोष निवारण और विभिन्न राशियों के लिए भी उपयोग होता है।

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा नर्सरी में किए गए प्लांटेशन में हर्बल खाद का उपयोग होता है। जिसका निर्माण भी नर्सरी में ही किया जाता है। nursery 1वृक्षों की विलुप्त प्रजातियां-
वृक्षों की कुछ ऐसी प्रजातियां भी हैं जो अत्यधिक खतरे में है। कुछ संवेदनशील है तो कुछ खतरे के नजदीक है। इसके साथ ही कुछ ऐसी दुर्लभ प्रजातियां भी है जो अब देखने को नहीं मिलती।

अत्यधिक खतरे में- दहीमन, कर्कट, शल्यकर्णी और मेदा वृक्ष है।
खतरे में- सोनपाठा, गरुड़ वृक्ष, बीजा, लोध्र वृक्ष है।

संवेदनशील वृक्ष- कुंभी, गबदी, केकड़, अधकपारी, जहरमोहरा, कुल्लू, काला शीशम और रोहिना है।

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खतरे के नजदीक वृक्ष- धवा, सलई, चिरौंजी, तमोली, हड़ुआ, धनकट, हल्दू, अंजन , तिनसा, तिलवन, भिलमा, हर्रा और भुड़कूट।

दुर्लभ वृक्ष- पाकर, उदाल, छोटा पाडर, कुचला, कुवारीन सहित कहीं बढ़ प्रजातियां भी हैं।

रेंज ऑफिसर रेखा काले ने बताया कि खंडवा रोड स्थित नर्सरी में लगभग ढाई लाख पौधे तैयार हैं। एक लाख से भी ज्यादा पौधे पिछले साल के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इन पौधों को शहर और जंगलों में लगाया जाएगा। जंगलों में  चिरौंजी, करंज, महुआ और फलदार पौधे रोपे जाएंगे। शहरों में फलदार वृक्ष और फूलदार वृक्ष रोप जाएंगे। इसके साथी कटहल, जामुन, नींबू, गुलमोहर आदि के पौधे भी रोपे जाएंगे।

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