Indore News: बाहरी जिलों से आने वाले विद्यार्थियो के लिए खुलेंगे हॉस्टल, गाइडलाइन का इंतजार

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कोरोना के कारण काफी लम्बी अरसे से कॉलेज की ऑफलाइन कक्षाएं बंद दी थी, जो कि कुछ दिन पहले ही शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के साथ फिर से खोले गयी है लेकिन अब फिर से शुरू हुई ऑफलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है जिससे कॉलेज प्रशासन काफी चिंतित है। ऑफलाइन कक्षाओं के बंद होने के कारण सारी गतिविधिया ऑनलाइन ही सम्पन्न की जा रही है, जिस कारण शहर के बाहर वाले विद्यार्थी अपनी पढाई ऑनलाइन ही क्रर रहे है।एक अन्य कारण यह भी है कि बाहरी जिलों से पढ़ने आये है उन छात्र-छात्राओ के ठहरने की व्यस्वस्था भी नहीं है, छात्रों के हॉस्टल भी नहीं खुले है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार प्रबंधन के सुझाव पर जल्द ही सरकार होस्टल खोलने का विचार कर रही है। इस विषय में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने भी संक्रमण की स्थिति देखने के बाद होस्टल को लेकर गाइडलाइन जारी करने की बात कहीं।

कोरोना महामारी के बाद जिले में फिलहाल कक्षाओं में आस पास के विद्यार्थी ही उपस्थित हो रहे है। हालाँकि देश में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की शुरुआत हो गयी है, लेकिन अभी केवल स्वास्थकर्मियो को ही कोरोना की वैक्सीन लगायी जा रही है। इस साल की शुरुआत में लगभग आधे से ज्यादा स्कूल, कॉलेज और अन्य निजी कोचिंग संस्थान भी खुल चुके है, लेकिन इनमे अभी बच्चो के संख्या काफी कम है। इन शिक्षण संस्थनो को कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार ही संचालन के आदेश दिए है। इस वजह से सभी विद्यार्थी ऑनलाइन ही अपना सिलेबस खत्म करने में लगे है। इस कड़ी में मंत्री यादव का कहना है कि “होस्टल में एक साथ विद्यार्थियों को रखना अभी संभव नहीं है। संक्रमण का खतरा कम है पर खत्म नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट मिलने के बाद होस्टल के लिए गाइडलाइन बनाई जाएगी ताकि विद्यार्थियों के स्वस्थ का ध्यान रखा जा सकें। शैक्षणिक संस्थानों में आने वाले 75 फीसद विद्यार्थी अन्य शहरों से पढ़ने आते है। इसके लिए सरकार थोड़ी सतर्कता बरत रहा है।”फिलहाल अभी कोई गाइडलाइन नहीं है अनुमान है कि 15 फरवरी के बाद गाइडलाइन जारी की जाएगी।

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में बहार के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल तैयार किये जा चुके है केवल शासन की गाइडलाइन का इंतजार है। हॉस्टल के चीफ वार्डन डॉ. जीएल प्रजापति का कहना है कि होस्टल में कम विद्यार्थी रखे जाएंगे। कोविड-19 की नियम के हिसाब से होस्टल को दिन में एक बार सैनिटाइज किया जाएगा। यहां तक प्रत्येक मंजिल पर सैनेटाइजर रखेंगे। साथ ही होस्टल में किस अन्य विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएं।