इंदौर। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा है कि वर्तमान महापौर और उनकी परिषद को भाजपा की ही पूर्ववर्ती विधायक मालिनी गौड़ के नेतृत्व वाली परिषद का अनुसरण करना चाहिए । जनता पर भार बनने वाले टैक्स को लागू नहीं करना चाहिए। शुक्ला ने आज जारी एक बयान में कहा कि व्यापारियों के द्वारा अपनी दुकान पर लगाए जाने वाले बोर्ड पर नगर निगम के द्वारा जिस तरह से रजिस्ट्रेशन शुल्क और हर वर्ष का शुल्क लगाया जा रहा है, वह अंग्रेजों के शासन काल के जजिया कर की याद दिलाता है । यह व्यापारी जगत पर नगर निगम का प्रहार है ।

निगम का यह कहना कि शासन का आदेश है इसलिए इस टैक्स को लागू करना जरूरी है, यह पूरी तरह से गलत है । इंदौर नगर निगम एक अर्ध शासकीय संस्थान हैं । किस टेक्स को लागू करना है और कब से लागू करना है, इसका फैसला नगर निगम को खुद लेना है. उन्होंने कहा कि नगर निगम में पूर्व में विधायक मालिनी गौड़ के नेतृत्व में भाजपा की ही परिषद कार्यरत थी। उस समय पर शासन के द्वारा 2017 में इस नए टेक्स को लागू करने का आदेश भेजा गया था । उस समय परिषद को यह अच्छी तरह से मालूम था कि यह टेक्स गलत है।

इस टेक्स से व्यापारियों में गलत संदेश जाएगा और उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा । यही कारण है कि उस परिषद के द्वारा शासन के इस गलत आदेश को अपने कार्यकाल के दौरान लागू नहीं किया गया। अब वर्तमान महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भी चाहिए कि वह इस गलत आदेश को अपनी परिषद के कार्यकाल में लागू करने का कलंक अपने माथे पर नहीं लगाएं।

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वह भी इस आदेश को लागू करने से इंकार कर दें। ताकि इंदौर के व्यापार जगत पर यह अनुचित भार नहीं आएं। उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि इंदौर प्रदेश की व्यापारिक राजधानी है । इस शहर की सारी प्रगति की राह व्यापार जगत से ही खुल रही है । ऐसे में हमें व्यापार जगत को संरक्षण देकर आगे बढ़ाना चाहिए । अनुचित कर लगाते हुए व्यापारियों की प्रगति की राह में बाधा पैदा नहीं करना चाहिए ।