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कमाल की कलाबाजियों के साथ जांबाजों ने किया हैरतअंगेज मलखंब

Posted on: 17 Sep 2018 11:06 by Ravindra Singh Rana
कमाल की कलाबाजियों के साथ जांबाजों ने किया हैरतअंगेज मलखंब

इंदौर: मध्य भारत के सबसे ख्यात गणेश उत्सव इंदौर के राजा ने एक बार फिर वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकार्ड लंदन यूके में विश्व के सर्वश्रेष्ठ अस्थाई गणपति पंडाल के रूप में अपना रिकॉर्ड दर्ज किया। रविवार 16 सितंबर को हिन्दी फ़िल्म अभिनेता रज़ा मुराद एवं वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के अधिकारियों ने आलोक दुबे पफाउंडेशन को 4 फिट का आवार्ड प्रदान किया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में इस बार देश में गणपति स्थापना के अलग-अलग श्रेणी का नाम दर्ज किया गया है जिसमें आलोक दुबे फाउंडेशन द्वारा इंदौर के राजा विश्व में सबसे बड़े गणपति पांडाल के लिए और मुंबई के लाल बाग के राजा को गणेश उत्सव के दौरान सर्वाधिक श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए दर्ज किया गया है। इस विशाल अक्षरधाम की प्रतिकृती कों विश्व के अस्थाई गणपति पाण्डाल में वल्र्ड बुक आफ रिकार्डस में दर्ज किया गया है  जिसका विधिवत प्रशस्ति पत्र भारत में इनके प्रतिनिधी एवं वेरीफिकेशन हेड संतोष शुक्ला एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिती में रविवार को  अक्षरधाम की प्रतिकृती के सम्मुख प्रदान किया गया।

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साथ ही मध्य भारत के इस सबसे भव्य गणेश उत्सव में रविवार शाम को इंडियाज गॉट टैलेंट के विनर एवं उज्जैन के खेल एवं युवा कल्याण समूह के मलखंब कलाकारों ने रोप, लटकन और पोल मलखंब के साथ दीप योगासन का प्रदर्शन किया। कभी मद्धम तो कभी तेज लय की सांगीतिक धुनों पर नायाब बेहतरीन जांबाज़ी पेश की। अपने साथियों के मजबूत कंधों को सीढ़ियां बनाकर सीढ़ियां बनाकर बनाकर उन्होंने कभी फूल की आकृति बनाई तो कभी चंचल लहरों का रूप दिखाया। अद्भुत  संतुलन और सामंजस्य से भरे इस नायब प्रदर्शन का समापन कलाकारों ने पिरामिड मलखंब से किया।

अक्षरधाम गणपति पाण्डाल में हो रहे योगासन के द्वारान रविवार को योग से भगाए रोग को ध्यान में रखते हुए बताया कि दीपयोग  बिमारियों को दूर करने की प्रमुख विधाओं में प्रमुख है इसमें मधुमेय, किडनी,मासीकधर्म, हाईट बढाने, आदि कई बिमारियों को दूर करना संभव है इस योगासन में दीपक को कपाल पर रख कर आसानों की प्रस्तुतियां देख दर्शक दातों तले उगलिया दबा बैठे, तालियों की लगातार कर्तल ध्वनी कलाकारों में जोश और जुनून भर रही थी।

आलोक दुबे फाउंडेशन के संस्थापक और “इंदौर का राजा” गणेशोत्सव के आयोजक श्री आलोक दुबे ने बताया कि इंडियाज गॉट टैलेंट के कलाकारों ने जो प्रस्तुति दी वह बहुत शानदार और भव्य थी। मलखंब प्रथा हमारे देश से समाप्त होते जा रही है तथा पूरे देश में केवल एक ही टीम है जो मलखंब की प्रस्तुति देती है। हमारा उद्देश्य मलखंभ की प्रथा को बढ़ावा देना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें और पहचाने इसीलिए हम हर साल मलखंभ की प्रस्तुति करवाते हैं।

उन्होने आगे बताया की सोमवार 17 सितंबर को रात्री 8:30 बजे धैवत बैंण्ड की विशेष प्रतुतियां गौतम काले के निर्देशन एवं ग्रुप के साथ होगी। इसमें दर्शकों को एक नए अनुभव से जोडने की कोशिश  की जाएगी।

 

 

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