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इंदौर में बोले हार्दिक, नेता नहीं बदलेंगे, बदलना है तो खुद बदलो

Posted on: 09 Jun 2018 12:46 by Surbhi Bhawsar
इंदौर में बोले हार्दिक, नेता नहीं बदलेंगे, बदलना है तो खुद बदलो

इंदौर, (हेमलता लोवंशी): बदलते राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय नेताओं की भूमिका विषय पर शहर की होटल रेडिसन ब्लू में एक कार्यकम आयोजित किया गया है ।इस कार्यकम में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल शामिल हुए है। बता दे कि ये कार्यक्रम संस्था मातरम  इंडिया द्वारा आयोजित किया गया है।

‘भारतीय नेताओं की भूमिका’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में बदलते राजनीतिक परिदृश्य मेंजनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रिय महासचिव अखिलेश कटियार ने कहा कि आज ऐसा नेता चाहिए जो नीतियों पर काम करे। नीतियों पर चर्चा करें। दुख इस बात का है किआज देश में नए भारत का स्वप्न ही नहीं रहा। ऐसा नेता चाहिए जो भारतीय राजनीति छोड़कर देश की जनता के लिए काम करें।

राजेंद्र तिवारी समूह संपादक ब्लैक एंड वाइट पब्लिकेशन ने कहां अब ऐसे नहीं  है जो अपने समाज के लिए,अपने देश के लिए खतरा उठाते हुए काम करें। मुझे बड़ी निराशा होती है कि अब देश में ऐसे नेता नहीं है, जो जनहित के काम करें। मुझे युवा नेताओं से भी बड़ी उम्मीद है। आज देश में ऐसा एक नेता नहीं  है जो सही को सही और गलत को गलत कह सके।

राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान क्रांति सेना हार्दिक पटेल ने  कहा कि, मैं बाला साहब ठाकरे का फैन हूं। मैं भी उन्हीं की तरह राजनीति करना चाहता हूं। लेकिन सभी केअपने नियम  होते हैं वैसे मेरे भी हैं। मैं यहां बात करना चाहूंगा सभी लोगों की।  जनता क्यों चाहती कि  नेता ही सब करें ? क्यों नेता के भरोसे सब बैठे होते हैं। देश के लिए भगत सिंह तो सभी को चाहिए पर अपने घर में नहीं पड़ोसी के घर में। देश की भलाई करने के लिएआप लोग भी आगे आए।  नेता बने तो देश के लिए कुछ करें खुला मंच है देश के भविष्य को सुधारें।

आज युवा सब करता है। बाहर जाता है, नाईट पार्टी करता है, लड़कियां घुमाता है, सिग्नल तोड़ता है, शराब पीता है लेकिन एक नेता यह सब कर ले तो बोलते हैं हमारा नेता खराब हो गया, देश कैसे चलेगा। देश के लिए कुछ करना है तो खुद बदलो, खुद कुछ करो, क्यों नेता के भरोसे बैठे रहते हो? हम सब को बदलना चाहते हैं पर खुद नहीं बदलना चाहते हैं। बात राजनीति करें तो राजनीति भाजपा कांग्रेस की नहीं है, ये सबके मां बाप नहीं है, ये तो पैसों का खेल हो गया है। हिंदू मुस्लिम के नाम पर वोट बैंक बढ़ाई जा रही हैं। देश, धर्म और डर के नाम से आगे चल रहा है। हमने गैरों से तो आजादी ले ली पर चोरों ने डेरा जमा लिया। सभी से अपील करता हूं कि दूसरों के भरोसे मत चलो, खुद चलना सीखो। हमें इतिहास देखना नहीं है इतिहास बनाना है।

हमें मेक इन इंडिया की जरूरत नहीं है, बुलेट ट्रेन नहीं आएगी तो चलेगा, हम धीरे चलेंगे पर साथ चलेंगे। विकास के नाम पर देश आगे नहीं बढ़ रहा डूब रहा है।

मध्यप्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के बारे में हार्दिक पटेल ने कहा कि हमारे पास कृषि नीति नहीं है, कोई किसानों की बात नहीं करता, किसानों के दुख नहीं समझता, आज भी हमारा किसान दुखियारा ही है। सब का पेट भरने वाला किसान खुद 2 समय की रोटी जुटाने के लिए आंदोलन कर रहे है। मध्यप्रदेश 80% कृषि से जुड़ा है फिर भी आज किसान बेबस है, क्या सरकार को यह नहीं दिखता।

आरक्षण की बात पर हार्दिक ने कहा कि हम लोग आरक्षण के लिए निकले थे लेकिन जब बाहर देखा तो लगा कि हमें ही नहीं अब तो पूरे देश को ही आरक्षण चाहिए। मैं युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि यह मत देखो कि देश कहां है यह सोचो कि देश को कहां ले जाना है। जब तक हमारी सोच नहीं बदलेगी हमारा देश नहीं बदलेगा। आप किसी नेता को नहीं बदल सकते।आप खुद बदलो, नेता बनो और देश के लिए कुछ करो, समाज के लिए कुछ करो, अपने लिए कुछ करो, युवाओं के लिए कुछ करो, बच्चों के लिए कुछ करो। केवल विकास के डिंडोरी से देश नहीं चलता राजनीति का भी एक स्तर होता है।

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