मध्य प्रदेश

लॉकडाउन में फंसी दो मुस्लिम युवतियों की हिंदू भाईजानों ने मनवाई ईद

इंदौर। लॉकडाउन के बीच मजदूरों की मदद के लिए तो समाज के कई लोग सामने आ रहे है। इसी बीच लॉकडाउन में फंसी दो मुस्लिम युवतियों को हिंदू भाइयों ने ईद पर उनको उनके घर पहुंचाया। आज जब पूरा देश ईद की खुशियाँ मना रहा है तो इन दोनों मूकबधिर युवतियों की भी मीठी ईद मन गई,जब वे अपने परिवारों के बीच पहुंच गई।

दरअसल दो महीने से ये दोनों युवतियां इंदौर में ही रूकी थी। मानसिक रूप से विकलांग और दिमाग में गठान की वजह से इंदौर इलाज करवाने आई थी, लेकिन अचानक कर्फ्यू और लॉकडाउन की घोषणा के चलते यहीं फंस गई। इनमें एक मंदबुद्धि खंडवा में रहने वाली 15 साल की अमीरा खान और 19 साल की बुरहानपुर की रहने वाली उजमा शाहिन शामिल थी। इन दोनों युवतियों के फंसे होने की जानकारी जब इंदौर के दो युवाओं को मिली, तो उन्होंने उसे घर पहुंचाने का निर्णय लिया।

गंगापुत्र संस्था के अमित सिकरवाल ने बजरंग दल के पूर्व संयोजक राजेश बिड़कर और शिवसेना के सचिन नरवरिया से सम्पर्क किया और कहा कि दोनों युवतियां अगर ईद मनाने अपने परिवार के पास पहुंच सके तो हिन्दु-मुस्लिम एकता की मिसाल के साथ-साथ दोनों युवतियों की ईद और मीठी हो जाएगी। इसके चलते इन दोनों हिन्दू भाइयों ने आनंद मूकबधिर संस्था योजना क्र. 54 के संस्थापक ज्ञानेन्द्र पुरोहित और मोनिका पुुरोहित से सम्पर्क किया और उन्होंने इन दोनों युवतियों से मूकबधिरों की भाषा यानी हाथ के इशारों और संकेतों से चर्चा कर उनका पता-ठिकाना जाना और फिर प्राधिकरण के सीईओ विवेक श्रोत्रिय से चर्चा की और ऑनलाइन की जगह हस्तलिखित पास देने की गुजारिश की, तो श्रोत्रिय ने भी मानवता दिखाते हुए तुरंत ही पास बनवा दिया और फिर इनोवा से इन दोनों बजरंगी भाईजानों ने युवतियों को उनके घर पहुंचा दिया।

एक युवती को खंडवा, तो दूसरी को बुरहानपुर छोड़ा गया। जब इन दोनों युवतियों को लेकर ये इंदौरी युवा पहुंचे तो क्षेत्र के मुस्लिमों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया और परिवार के साथ ईद मनवाने की खुशी जाहिर की। इन दोनों युवतियों को घर पहुंचाने वाले बजरंगी भाईजान राजेश बिड़कर और सचिन नरवरिया का कहना है कि इन दोनों बहनों के चेहरे पर खुशी देखकर हम भी गदगद हो गए और लगा कि वाकई अपनों के साथ ही त्यौहार मनाने में असली खुशी मिलती है।